दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के शंकरगढ़ गांव में बुधवार की रात धारदार
हथियार से चौकीदार की हत्या कर बदमाशों ने शव को पोखरे में फेंक दिया।
गुरुवार की सुबह पोखरे से चौकीदार का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल
गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस संबंध में पोखरा
मालिक की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्र्र्ज कराई
है। पुलिस हत्या के कारणों की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गई
है।
मलेठी गांव निवासी हीरा सिंह का शंकरपुर गांव के पास पोखरा है,
जिसमें वे मछली पालते हैं। गया (बिहार) निवासी सुखदेव प्रजापति (55)
चौबीसों घंटे पोखरे पर रहकर चौकीदारी का काम करता था। पोखरा के पास उसके
रहने के लिए मालिक ने कमरा बनवाया था।
गुरुवार की सुबह गांव के कुछ लोग
पोखरे की तरफ गए तो देखा कि उसमें चौकीदार का शव उतराया है। यह खबर पूरे
क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों
की भीड़ लग गई।
लोगों ने तत्काल घटना की सूचना मालिक को दी। जानकारी होते
ही वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना से पुलिस को अवगत कराया। मौके पर
पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से शव को पोखरा से बाहर निकलवाया।
सुखदेव के
गले में गमछा बंधा हुआ था और नाक, कान तथा सिर पर धारदार हथियार से वार के
निशान थे। मामले की छानबीन करते हुए जब पुलिस मृतक के कमरे में पहुंची तो
देखा कि सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था।
इससे आशंका जताई जा रही थी कि
हमलावरों से सुखदेव की हाथापाई भी हुई होगी। बदमाशों ने उसकी हत्या कर शव
को पोखरी फेंक दिया होगा। पुलिस ने घटना के संबंध में पोखरी स्वामी से
बातचीत करने के शव को कब्जे में ले लिया।
इस मामले में हीरा सिंह ने अज्ञात
बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना था कि सुखदेव
मिलनसार था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। इस संबंध थानाध्यक्ष
दुल्लहपुर ग्यासुद्दीन का कहना है कि मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई
है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।