जमानिया। थोड़ी देर की लापरवाही से गुरुवार को कजरही गांव के जितेंद्र चौधरी की साल भर की मासूम बेटी श्रेया की जान चली गई। खेलते समय घर के आंगन में रखे पानी से भरी बाल्टी में मुंह के बल जा गिरी। वह सांस भी नहीं ले सकी और कुछ पल के लिए उसके पैर छटपटाए। उसे मदद की दरकार थी लेकिन इससे पहले कि किसी की नजर पड़ती उसका नन्हा शरीर शांत हो गया। इस हादसे से गांव तो हिल ही गया आसपास के इलाके में जिसने भी सुना उसका कलेजा मुंह को आ गया।
कोतवाली क्षेत्र के करजही गांव के जितेंद्र चौधरी पुत्र किशोरी लाल चौधरी गुरुवार को प्रतिदिन की भांति खाना खाने के बाद अपनी दुकान पर काम करने चला गया। उसकी पत्नी रेनू देवी ने बड़ी बेटी जिया कुमारी (पांच) को तैयार कर स्कूल भेज दिया। अन्य दो बेटियों रिया (तीन) और श्रेया (एक) को अकेले छोड़ कर घर के पास स्थित नहर में कपड़ा धोने चली गई। दोनों बहनें घर के आंगन में खेलने लगी। खेलते समय किसी तरह से श्रेया आंगन में सीढ़ी के पास रखे पानी से भरे बाल्टी के पास पहुंच गई। पानी में हाथ से छपाके मारते - मारते अचानक उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह सिर के बल पानी से भरी बाल्टी में जा गिरी। सांस नहीं ले पाने के कारण उसकी मौत हो गई। थोड़ी देर में जब कपड़ा धो कर उसकी मां रेनू घर पहुंची तो बेटी श्रेया को पानी से भरी बाल्टी में डूबा देख चीखने चिल्लाने लगी। चीख-पुकार और विलाप सुन कर आस पास के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। थोड़ी ही देर में घर में कोहराम मच गया। बडेसर गांव स्थित गंगा घाट देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।