खानपुर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी एक विवाहिता पांच दिन पहले संदिग्ध अवस्था में झुलस गई थी। उपचार के दौरान दूसरे दिन उसकी वाराणसी में मौत हो गई। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस दहेज हत्या की रिपोर्ट नहीं लिख रही हैं।
थाना क्षेत्र के गोरखा निवासी श्यामनारायण राम ने आरोप लगाया कि मेरी बेटी रेनू (20) की शादी एक वर्ष पूर्व रामपुर निवासी रामसेवक राम के बेटे रमेश (25) से किया था। पंद्रह दिन पहले मायके आई रेनू दस हजार लेकर अपने ससुराल गई थी। ससुराल वालों की तरफ से उसे दहेज में पैसा के लिए प्रताड़ित किया जाता था। 20 अप्रैल की रात मेरी पुत्री संदिग्ध अवस्था में झुलस गई। ससुराल के लोग उसे उपचार के लिए बीएचयू ले गए, जहां 21 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। इसी दिन उन्हें बेटी के मरने की सूचना परिवार के लोगों ने दी। मैंने तत्काल अपनी पत्नी और बेटे के ससुराल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर 23 अप्रैल को थाने पहुंचा और पुलिस से दहेज हत्या की तहरीर दी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मैं बार-बार थाना का चक्कर लगा रहा हूं। बुधवार की देर रात तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। थानाध्यक्ष शैलेश यादव ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है, लेकिन किसी की तरफ की तहरीर मुझे नहीं मिली है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी मनीराम गौड़ ने कहा कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि पीड़ित यह बात कह रहा है कि उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है तो मामले की जांच करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले की छानबीन शुरु कराई जाएगी।