दिलदारनगर (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के वायरलेस मोड़ स्थित अघोर सेवा मंडल द्वारा संचालित संस्था गिरनार आश्रम के गर्भगृह में स्थापित भगवान गणेश की अष्टधातु की मूर्ति चोरी के मामले में दो दिन बाद पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। पुलिस दबिश देने और पूछताछ करने तक की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ ले रही है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर आश्रम के लोगों और ग्रामीणों में काफी नाराजगी व्याप्त है।
चोरों द्वारा पुलिस को इस घटना को अंजाम देकर नई चुनौती नहीं दी गई है। बीते नंवबर माह में फुल्ली गांव स्थित मां कटारी देवी की धातु युक्त मुकुट भी चोरों द्वारा गायब कर दी गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद भी आज तक पुलिस टीम मुकुट की बरामदगी नहीं कर सकी। इस चोरी की घटना में भी पुलिस की चाल कछुवे की तरह है। घटना के दो दिन बाद भी पुलिस टीम सिर्फ दबिश देने और संदिग्धों को उठा कर पूछताछ करने का दावा कर रही है। मालूम हो कि बीते वर्ष 2000 में भगवान गणेश की अष्टधातु की मूर्ति आश्रम परिसर में आश्रम के संस्थापक अवधूत बाबा सिंह शावक राम बाबा द्वारा स्थापित की गई थी। चोरों ने बीते 11 अप्रैल की रात आश्रम की चहारदीवारी फांद कर भगवान गणेश की अष्टधातु की मूर्ति चुरा ली थी। इस मामले में आश्रम के सचिव द्वारा तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।