जमानिया(गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र के मेदिनी चक नंबर-दो निवासी एक युवक का मंगलवार को रहस्यमय परिस्थितियों में अपहरण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की छानबीन में जुट कर मतसा बाढ़ स्थित एक मकान से बुधवार को युवक को बरामद कर लिया। अपहृत परिजनों ने आरोप लगाया कि एक लाख की फिरौती मांगी गई थी, जबकि पुलिस का कहना है कि मामला नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन का था। जांच-पड़ताल की जा रही है।
मेदिनी चक नंबर-2 निवासी रामनरायण शर्मा ने बताया कि मंगलवार की दोपहर मेरा भाई उमापति शर्मा (40) ताजपुर गांव स्थित निजी चिकित्सालय में दवा के लिए गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोग परेशान होकर उसकी इधर-उधर तलाश करने लगे। इसी दौरान देर शाम करीब साढ़े सात बजे उमापति के मोबाइल से उनकी पत्नी माया देवी के मोबाइल पर फोन कर अपहरणकर्ताओं ने एक लाख रुपये फिरौती मांगी। इसकी जानकारी माया ने परिवार वालों को दी। इसके बाद तत्काल डायल-100 पुलिस को घटना की सूचना दी। रात में ही पुलिस पहुंची और पूछताछ करने के बाद मामले की छानबीन में जुट गई, लेकिन रात में सफलता नहीं मिली। बुधवार को मैने कोतवाली में अपहरण की तहरीर दी। पुलिस को उस स्थान पर बारे में बताया, जहां पर अपहर्ताओं ने पैसा लेकर बुलाया था। पुलिस हम लोगों के साथ मतसा बाढ़ में गई। वहां स्थित एक मकान से उमापति को सकुशल बरामद कर कोतवाली लाई। इस मामले में पुलिस ने किसी अपहरणकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया। मेरे भाई को कोतवाली में बैठाए रखा। इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने बताया कि यह मामला अपहरण नहीं, नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन का है। क्षेत्राधिकारी डा. तेजवीर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है। बरामद किए गये उमापति को पूछताछ के लिए कोतवाली में बैठाया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियम संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।