सेवराई। पशु तस्करी पर शासन और जिला प्रशासन की तरफ से भले ही पाबंदी लगाई गई हो, लेकिन महकमे में अंदर खाने सबकुछ खुलेआम चल रहा है। यूपी-बिहार सीमा पर रात के अंधेरे में पशुओं से लदे ट्रक और छोटे वाहन को प्रतिदिन बइिहार के रास्ते बंगाल भेजा जाता है। यह स्थिति दिलदारनगर और गहमर थाना क्षेत्र में देेखने को मिल रहा है। आलम यह है कि तस्कर वाहनों को दूर खड़ा कर बारा कर्मनाश पुल और देवल पुल के सहारे पैदल ही पशुओं को बिहार सीमा में ले जाने का काम कर रहे हैं। इस पार से उस पार पशुओं को पैदल ही कर्मनाशा और देवल पुल पार कराया जा रहा है। पशुओं को यूपी से बिहार प्रांत ले जाया जा रहा है। इतना ही नहीं पिकअप और अन्य साधनों से भी उन्हें ले जाया जाता है। पशु तस्कर रात के अंधेरे में पशुओं को मारपीट कर किसी तरह बार्डर पार कराने का काम करते हैं। गुरुवार को बारा पुल पर अधिक दूरी पैदल चलने के बाद एक गाय कर्मनाशा पुल के पास बैठ गई। जिसे पशु तस्कर गाय को उठाने के लिए मारपीट कर रहे थे। लेकिन गाय अधिक चलने की वजह से बैठ गई थी और उसके मुंह से गाज निकल रहा था। पशु तस्कर गाय को किसी तरह बार्डर पार कराकर बिहार प्रांत के बक्सर जनपद के यादव मोड़ पर लगने वाले पशु मेले में ले गए। सबसे मजे की बात रात के समय तो दूर दिन में भी धड़ल्ले से पशु तस्कर इस कार्य को अंजाम दे रहे है। लेकिन बारा पुलिस चौकी और देवल पीकेट पर तैनात पुलिसकर्मी चुप्पी साधे हुए है। इस संबंध में पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने बताया कि पशु तस्करी पर पूर्ण रूप से पाबंदी है। ऐसी शिकायत हमे कहीं से भी प्राप्त नहीं हुई है। यूपी-बिहार सीमा पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।