गाजीपुर। करीमुद्दीनपुर थाने के असावर गांव में तीन दिन पहले विकास की चाकू गोद कर निर्ममता पूर्वक की गई हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को घटना का पर्दाफाश कर दिया। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने पूरे घटना क्रम का 24 घंटे के अंदर खुलासा किया है। पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि विकास की हत्या प्रेम-प्रसंग में किया गया है। एक युवती के साथ अवैध संबंध का शक होने पर विकास को एक योजना के तहत गांव से बाहर खेत में बुलाया गया और चाकू गोद कर मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस कप्तान ने बताया कि बीते 17 मई की सुबह विकास राम (16) के चाचा द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी कि भतीजे की लाश गांव के पास स्थित खेत में पड़ी है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। देखा कि विकास के गर्दन, पेट, कलाई, जबड़े समेत शरीर के अन्य हिस्से में धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई है। इस सूचना के आधार अज्ञात हत्यारों के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम गठित की गई। जिसमें करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष सुधाकर राय को नेतृत्व का जिम्मा दिया गया। पुलिस टीम की विवेचना में यह पता चला कि मृतक का मोबाइल आरोपियों द्वारा ले लिया गया है। एसपी ने बताया कि तमाम विवेचना, सर्विलांस की रिपोर्ट एवं स्थानीय छानबीन से पाया गया कि असावर निवासी विपिन कुमार और उसके चाचा हरीशचंद्र राम ने ही विकास की चाकू से गोद कर हत्या की है। इसके बाद दोनों हत्यारोपियों को धर दबोचा गया। दोनों ने हत्या का जुर्म भी पुलिस के सामने कबूल किया। पकड़े गए लोगों ने बताया कि हमारे द्वारा विकास राम को रात में बुलाया गया था और योजनाबद्ध तरीके से एक खेत की झाड़ी में पहले मारा-पीटा गया, फिर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों की निशानदेही पर उनके घर से हत्या में प्रयुक्त चाकू, रक्तरंजित कपड़े और मृतक का मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से खुश होकर वाराणसी जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने दस हजार का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। सफलता पाने वाली टीम में थानाध्यक्ष सुधाकर राय, उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह, कन्हैया राय और मुन्ना सिंह मौजूद रहे।