गाजीपुर/कठवामोड़। नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ पुल के पास बीते शनिवार को निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा चक्काजाम के दौरान हुए पथराव में हेड कांस्टेबल की मौत को लेकर पुलिस की बौखलाहट शुरू हो गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रविवार की रात अटवा गांव के मल्लाह टोली और फरीदचक गांव में तांडव मचाया। इस बीच दर्जन भर से अधिक घरों में तोड़फोड़ करने के साथ ही कई महिलाओं की पिटाई की। मल्लाह टोली की सास-बहू को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर थाने गई। पुलिस की कार्रवाई से लोग खौफजदा हैं।
बीते शनिवार को आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी कठवामोड़ पुल के पास सड़क जाम कर दिए थे। इस बीच पीएम मोदी के कार्यक्रम से लौट रही करीमुद्दीनपुर पुलिस को जाम समाप्त कराने का निर्देश दिया गया। इसके बाद पुलिस लोगों को समझाने-बुझाने लगी। तभी जाम करने वाले पुलिस पर पथराव शुरू कर दिए थे। इस बीच अन्य पुलिस कर्मी वहां से फरार हो गए, लेकिन करीमुद्दीनपुर थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स को आंदोलनकारियों ने पीट दिया। लोगों से छुड़ा कर भागते समय पत्थर लगने से उसकी मौत हो गई। इस मामले में नोनहरा थाने की पुलिस ने 32 नामजद और 150 अज्ञात के लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दो दिन से दबिश दे रही है। अटवा गांव के मल्लाह टोली और फरीदचक गांव में रविवार की रात पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। इस बीच तमाम लोगों के घरों का दरवाजा खुलवाया गया। आरोपियों के न मिलने पर उनके घरों के दरवाजे तोड़ दिए गए, कुछ घरों में इज्जत घर, टीवी, शीशा, बाइक आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। मल्लाह टोली निवासी राजमुनी ने बताया कि रात में करीब आठ बजे पुलिस कर्मी पहुंचे और दरवाजा खटखटाने लगे। जैसे ही दरवाजा खोला अंदर घुस गए और टीवी, शीशा, चूल्हा आदि सामानों को डंडा से मार कर तोड़ दिया। रमावती ने बताया कि पुलिस दरवाजा तोड़ने के साथ ही घर में लगे शीशा को भी तोड़ दिया। मेरा मोबाइल फोन छी नकर साथ लेती गई। शांति ने बताया कि पुलिस पानी निकासी के लिए लगे प्लास्टिक के पाइप तक को नहीं छोड़ा। पुलिस सुनीता और उसकी सास धनवता को गिरफ्तार कर ले गई है। इन महिलाओं के साथ अन्य कई महिलाओं ने बताया कि तोड़फोड़ देर रात तक चला। इसका विरोध करने पर पुलिस ने हम लोगों को भी मारा पीटा। पुलिस के इस तांडव से हम लोग पूरी तरह से भयभीत हैं। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।