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पीएम रिपोर्ट में हत्या की नहीं हुई पुष्टि

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गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर अतरौली गांव के पास बीते गुरुवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे बकराबाद निवासी एक युवक की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। घटना के बाद जहां आस-पास के लोग युवक की हॉकी से पीट कर हत्या करने की बात कह रहे थे, वहीं पुलिस इसे हत्या मानने से इंकार कर रही है। अब पीएम रिपोर्ट में जो चोट आई है, उसे मारने-पीटने में नहीं हादसे की वजह से बताया जा रहा है, जबकि मृतक की मां सहित परिवार के अन्य लोग चीख-चीख कर घटना को प्रेम-प्रपंच में हत्या बता रहे हैं। शहर कोतवाली पुलिस ने का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुर्घटना में चोट लगने से युवक की मौत बताई जा रही है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के बकराबाद निवासी शेष बिंद के बेटे बाबूलाल बिंद (22) गांव की रिश्तेदारी की रहने वाली युवती से काफी समय से प्रेम करता था। उक्त युवती बुधवार को बाबूलाल के घर पर आ गई थी। इस पर उसके घर वालों ने इसकी सूचना युवती के परिवार वालों को दी। उसके परिजन वहां पहुंचे और युवती को लेकर घर चले गए थे। दूसरे दिन गुरुवार की सुबह युवती ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसी बीच दिन में करीब साढ़े दस बजे बाबूलाल के परिजनों को यह सूचना मिली थी कि अतरौली गांव के पास कुछ लोगों ने हॉकी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी है। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि कुछ युवकों ने उसे हॉकी से मारा-पीटा और फरार हो गए। परिजन घायल बाबूलाल को लेकर जिला अस्पताल गए थे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक की मां फूलमती देवी सहित अन्य लोगे कह रहे थे कि प्रेमिका के जहर खाने के बाद आक्रोशित उसके परिजनों ने बाबूलाल की हत्या की है। इस मामले में देर रात सदर क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम में हत्या की नहीं, सड़क दुर्घटना में मौत की पुष्टि हुई है। उधर मृतक के परिजन सड़क दुर्घटना न मान कर हत्या की आशंका जताते हुए मामले के खुलासा के लिए पुलिस और प्रशासनिक आला-अधिकारियों से मिलने का मन बना रहे हैं।
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मौत की वजह पर उठ रहे सवाल
गाजीपुर। बाबूलाल बिंद की मौत पेट और जांघ में लगी गहरी चोट की वजह से हुई है। यह बात उसके शव का पोस्टमार्टम करने वाले डा. पंकज कुमार ने कही। डाक्टर की रिपोर्ट से यह बात तो साफ हो गई कि चोट मौत की वजह बनी है लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि चोट लगी कैसे है। घर वाले लगातार प्रेमिका के घर वालों द्वारा हॉकी से पिटाई करने की बात पर अडिग हैं तो वहीं पुलिस हत्या की बात मानने को तैयार नही है। पुलिस का कहना है कि प्रेमिका के जहर खाने की सूचना पर बदहवासी में जा रहे बाबूलाल का किसी वाहन से एक्सीडेंट हो गया है। प्रशासन लगातार हो रही हत्या की घटनाओं में एक कड़ी और जुड़ने से बचने में लगी है।


सुनाई देती रही मृतक के परिजनों के सिसकने की आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बकराबाद निवासी बाबूलाल बिंद के मौत के दूसरे दिन भी परिवार में कोहराम मचा रहा। गांव की शांत फिजां में उनके रोने की आवाज सुनाई देती रही। मां फूलमती सहित परिवार के अन्य लोग बिलखते हुए उस युवती को कोसते रहे, जिससे बाबूलाल प्रेम करता था।
मृतक बाबूलाल बिंद का परिवार काफी गरीब है। ग्रामीणों की माने तो उसका पिता चना बेचता है। बाबूलाल मेहनत-मजदूरी कर परिवार को चलाने में पिता का सहयोग करता था। रोज की तरह गुरुवार की सुबह भी घर से वह कह कर निकला था कि मजदूरी करने के लिए जा रहा हूं। कुछ ही देर बाद परिजनों को यह सूचना मिली के अतरौली गांव पास किसी ने उसकी हत्या कर दी है। इस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया था। परिवार के लोग चीख-पुकार करने लगे थे। उनके रोने की आवाज सुन कर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और लोगों को ढांढस बंधाने में जुट गए थे। रात से सन्नाटे में जहां परिजनों की सिसकियां सुनाई देती रहीं। मां फूलमती बिलखते हुए बार-बार उस युवती को कोसती रही, जिससे प्यार के चक्कर में उसका लाल हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया। ग्रामीण भी आपस इस प्यार के राह की चर्चा करते रहे, जिसकी भेंट बाबूलाल की जिंदगी चढ़ गई।
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प्रेमिका का अस्पताल में चल रहा उपचार
गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के बकराबाद निवासी मृतक प्रेमी बाबूलाल की प्रेमिका ने उसकी हत्या से करीब डेढ़ घंटा पहले विषाक्त पदार्थ खा लिया था। परिवार वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। दूसरे दिन शुक्रवार को भी उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा था। प्रेमिका और मृतक बाबूलाल के गांव के लोगों में यह चर्चा होती रही कि बाबूलाल से जिस युवती का प्रेम प्रपंच चल रहा था, उसे अपने परिवार या समाज की भी कोई परवाह नहीं थी। शायद यही कारण था कि वह अपने घर से भाग कर अपने प्रेमी के घर चली आई थी। बाद में उसके परिवार द्वारा काफी दबाव डालने पर वह अपने घर वापस गई थी और दूसरे दिन विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश किया। वह तो बच गई, लेकिन उसका प्रेमी इस दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए चला गया। प्रेमिका के दिमाग में बार-बार यह ख्याल आएगा कि अपने प्रेमी की मौत की जिम्मेदार वही है। ऐसे में कहीं ऐसा न हो कि दोबारा वह कोई गलत कदम उठा ले।
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