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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की गुत्थी उलझी

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कासिमाबाद (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में तीन दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुई विवाहिता की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सुलझने के बजाए उलझती नजर आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक मृतका की मौत न तो चोट लगने से और न ही दम घुटने से हुई। हत्या के कारणों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रखने के साथ जांच के लिए फारेंसिक लैब भेज दिया है।
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बीते 30 मार्च से पुलिस की हिरासत में मौजूद मृतका के पति वेदप्रकाश ने बताया कि बीते 29 मार्च की रात जब उसकी नींद टूटी तो मृतका पत्नी सलोनी नहीं थी। जब उसकी तलाश की गई तो घर के आंगन में सलोनी मौजूद थी और उसने बताया कि चक्कर आ रहा है और विषाक्त पदार्थ खा लिया है। इस पर उसे तत्काल इलाज के लिए कासिमबाद सीएचसी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि मृतका सलोनी दो माह से गर्भवती थी और गर्भपात कराने के लिए दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर पांच दिनों से अनबन भी चल रही थी। घटना की सूचना पर पहुंचे मृतका के पिता ने पति वेदप्रकाश सहित ससुर, सास, जेठ, देवर और ननद के खिलाफ गला दबाकर हत्या करने के साथ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। अब जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के ऊपर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं और न ही गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो पाई है। ऐसी परिस्थिति में पुलिस ने बिसरा सुरक्षित करते हुए जांच के लिए फारेंसिक लैब भेज दिया है। पुलिस अब फारेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष नंदा प्रसाद ने बताया कि बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रकरण का खुलासा हो पाएगा। मृतका के मौत की गुत्थी सुलझने के बजाए अब पूरी तरह से उलझ गई है। वैसे पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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