गाजीपुर। कठवामोड़ पर जाम के दौरान निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए पथराव में हेड कांस्टेबल की मौत के मामले में 11 आरोपियों सहित दो अन्य थाना क्षेत्रोें में चक्का जाम करने वाले नौ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाइन स्थित सभा कक्ष में रविवार को इस बात की जानकारी एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने दी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी ने कहा कि पीएम मोदी की सभा समाप्त होने के बाद करीमुद्दीनपुर थाना पुलिस के लौटने के दौरान थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया था कि कठवामोड़ पुल के पास आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी के लोगों ने जाम लगाया है, उन्हें समझा कर जाम समाप्त कराया जाए। इस पर पुलिस वहां पहुंची और जाम समाप्त कराने के लिए लोगों को समझाने लगी। इसी बीच लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में करीमुद्दीनपुर थाना पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि कानून से किसी को खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। जो भी कानून को अपने हाथ में लेने का काम करेगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ है। हत्या के मामले में नोनहरा थाना में 32 नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में दो थाना क्षेत्र में चक्काजाम करने के मामले में साढ़े तीन सौ अज्ञात और चार नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हत्या के मामले में 11 और चक्काजाम में विभिन्न थाना क्षेत्रों नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी को चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। कुछ मीडिया कर्मियों ने एडीजी से यह सवाल किया कि पोस्टमार्टम हाउस के बाहर करीब एक घंटा तक जमीन पर हेड कांस्टेबल का शव रखा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है और न ही मृतक पुलिस कर्मी के परिजनों ने ऐसे किसी मामले से पुलिस को अवगत ही कराया है।