जमानिया (गाजीपुर)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर लटिया गांव में पिता ने ही पुत्र को दहेज में मिली बाइक गायब करा दिया। कुछ दिन पहले बाइक चोरी की रिपोर्ट पुत्र ने लिखाई थी। पुलिस ने मामले की छानबीन के बाद चोरी गई बाइक और घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
बीते मार्च माह में सुनील राम की मोटर साइकिल घर के पास से किसी ने चुरा लिया। इसकी तहरीर सुनील ने कोतवाली में दी थी। काफी प्रयास के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने शक के आधार पर सुनील के पिता दरोगा राम से पूछताछ की। पुलिस के हल्का बल प्रयोग करते ही वह पूरी बात उगल दिया। उसके मुताबिक दरोगा राम ने अपने बेटे की बाइक सुनील से छुपाकर अपने परिचित दरौली गांव निवासी अंकित यादव को यह कहते हुए दे दिया कि जब तुम्हारे पास पैसा होगा दे देना। बाइक की कीमत बीस हजार रुपये तय की गई। अंकित ने बताया कि वह लालच में आ गया और सस्ते में बाइक मिलने के कारण उसने किसी को यह बात नहीं बताई। कहा कि दरोगा राम को जब पता चला कि बेटे सुनील ने बाइक चोरी होने की रिपोर्ट कोतवाली में लिखा दी है, तो उसने मुझसे मोटर साइकिल का सभी पुर्जा अलग कर फेंकने को कहा। इसके बाद मैं डर गया और मैंने वैसा ही किया और बाइक के सभी पार्ट्स को अलग-अलग कर गांव के पास नहर स्थित पोखरी में फेंक दिया। पुलिस ने दरोगा राम से मिली जानकारी के आधार पर पहले अंकित को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर पोखरी से बाइक की चेचिस, रिंग और अन्य पार्ट्स बरामद कर कोतवाली ले आई है। पुलिस बाइक चोरी के आरोप में शनिवार को दोनों को जेल भेज दिया। इस बाबत पूछे जाने पर कोतवाली पुलिस ने बताया कि दरोगा राम और अंकित यादव को जेल भेज दिया गया है। दरोगा द्वारा अपने पुत्र सुनील की बाइक को चोरी कर अंकित को बेचा गया था। सुनील ने बताया कि उसके पिता उससे चिढ़ते थे, लेकिन उसको यकीन नहीं था कि वह उसकी बाइक चोरी करवा सकते हैं।