फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेई को धमकाने के मामले में नही दर्ज हुआ मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गाजीपुर /गहमर। जमानिया की विधायक सुनीता सिंह के पति परीक्षित सिंह ने गुरुवार को विद्युत उपकेंद्र कामाख्या धाम के अवर अभियंता कुलदीप यादव को हाथ-पैर तोड़ने और अन्यत्र स्थानांतरण कराने की धमकी दी थी। इस प्रकरण में पीड़ित ने डीएम के बाला जी सहित विभागीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद भी इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। कार्रवाई के नाम पर डीएम ने दो एक्सईएन (अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय) से आख्या इस प्रकरण में तत्काल आख्या देने को कहा है, जबकि पीड़ित न्याय पाने के लिए आलाधिकारियों से लेकर संगठन से गुहार लगा चुका है।
विज्ञापन

सत्ता का दबाव कहा जाए अथवा अफसरों की उदासीनता या फिर विधायक का मामला होने का भय। आखिरकार सरकारी कर्मचारी को धमकी देने के बाद भी सब खामोशी साधे हुए हैं। बिना किसी आदेश के विद्युत पोल गाड़ने से इंकार करने पर अवर अभियंता को धमकी दी गई थी। मामला वायरल हो गया। इसके बाद भी जिले के आला अफसर चुप हैं। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जिलाधिकारी के बाला जी ने विद्युत पोल गाड़ने को लेकर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा अधिशासी अभियंता विद्युत खंड दो से तत्काल आख्या देने को कहा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विधायक पति द्वारा कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार करना कोई नयी बात नहीं है। इसके पहले भी उन्होंने राही पर्यटक होटल में भाजपा प्रतिनिधि मंडल एवं स्थानीय अधिकारियों की उपस्थिति में विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके सिंह को अपशब्द कहा था। तब भी वह चर्चा में थे। इससे क्षुब्ध होकर विभाग के उच्चाधिकारी ने अपना स्थानांतरण अन्यत्र करने के लिए प्रत्यावेदन दिया था। अधिकारियों पर दबाव देकर कार्य कराने में विधायक पति पहले भी चर्चा में रहे हैं, लेकिन सत्ता के डर के सामने जिला प्रशासन की हर बार बोलती बंद रहती है। इस बार देखना है कि मामले में जिला प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति ही करता है अथवा कर्मचारी को न्याय दिलाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें