मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में सोमवार को गैस सिलेंडर के पाइप में लिकेज के चलते लगे आग से सिलेंडर फट गया। इसके चलते करीब 36 रिहायसी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इस घटना में एक बछड़ा झुलस कर मर गया। जबकि लाखों रुपये के सामान जलकर राख हो गए। इसके चलते करीब 16 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सहित आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए।
गंगा की कटान में सबकुछ गंवा चुके पीड़ित परिवार ने गांव स्थित साधु की कुटिया के पास झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहे थे। इस नई बस्ती में सुबह 10 बजे सुबेदार उर्फ मुन्ना चौधरी के घर में एक बच्ची खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस की पाइप लाईन में लिकेज से आग पकड़ ली। घर के लोग उस पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे। तब-तक सिलेंडर भी आग की चपेट में आकर फट गया। इसके बाद तो आग लपटों ने धीरे-धीरे आस-पास की झोपड़ियों को भी अपने चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े। इस घटना में 16 लोगों में सुबेदार चौधरी, बबलू यादव, राजेश यादव, दिनेश यादव, उमेश यादव, पंकज उपाध्याय, रमाशंकर पाल, रामऔतार सिंह यादव, मनीष चौधरी, धर्मेंद्र उपाध्याय, बाढ़ू यादव, अशोक यादव, संतोष यादव, मनोज यादव, समरजिया देवी, रमाशंकर चौधरी की लगभग 36 रिहायसी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में घरेलू सामान, खाद्य सामग्री, चारपाई, कपड़ा आदि जलकर राख हो गया। इस घटना में सुबेदार चौधरी का बछड़ा जलकर मर गया। घटना की सूचना पाकर फायर बिग्रेड की गाड़ी काफी विलंब से पहुंची, तब-तक सब कुछ राख हो चुका था। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करके आग पर काबू पाया। घटना की जानकारी होते ही एसडीएम ज्ञान प्रकाश यादव, तहसीलदार मोहनलाल गुप्ता, कोतवाल विमल कुमार मिश्रा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश राय, गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथ गुप्ता, क्षेत्रिय लेखपाल एवं कानूनगो मौके पर पहुंच गए। आगजनी से हुई क्षति का आकंलन किया।