दिलदारनगर। रविवार की देर शाम एक युवक बेरोजगारी से निराश हो स्थानीय रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के सामने कूद गया, इसी बीच वहां ड्यूटी पर तैनात जीआरपी के सिपाहियों की नजर उस पर पड़ी, वह भी ट्रैक पर कूद गया और युवक को ट्रेन के आने से पहले खींचकर हटा दिया। पुलिस कर्मियों के इस कार्य की लोगों ने जमकर सराहना की। इसकी पूरे इलाके में चर्चा होती रही है।
रविवार की देर शाम हरिद्वार-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। कुछ देर बाद करीब साढ़े सात बजे जैसे ही ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई, प्लेटफार्म पर मौजूद एक युवक ट्रेन के आगे कूद गया। यह देख वहां ड्यूटी पर तैनात जीआरपी के कांस्टेबल महादेव गुप्ता और सत्यनारायण दुबे भी ट्रैक पर कूद गए और ट्रेन को पास आने से पहले ही युवक को खींचकर रेल लाइन से हटा दिया। इस संबंध में जीआरपी चौकी इंचार्ज डीपी यादव ने बताया कि पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुजफ्फरपुर थाना नूरसराय जिला नालंदा बिहार निवासी कामराज (22) बताया। जब उससे यह पूछा गया कि आत्महत्या करने का फैसला क्यों किया तो उसने बताया कि मैं कुछ माह पहले पत्नी को लेकर रोजगार के लिए घर से निकला था। कही रोजगार न मिलने पर पत्नी को मुजफ्फरपुर नालंदा ससुराल लेकर गया। वहां उसे छोड़कर रोजगार के लिए राजस्थान चला गया। 15 दिन वहां पर पत्थर तोड़ने का काम किया। पत्नी को फोन कर कहा कि इस काम में मेरा मन नहीं लग रहा है। मैं वापस आ रहा हूं, तुम्हे साथ लेकर घर चलूंगा। इस पर पत्नी ने आने से इंकार कर दिया। इसके बाद मैं ट्रेन पकड़कर घर के लिए रवाना हो गया। फिर मेरे मन में यह बात आई कि जब रोजगार ही नहीं मिला तो मैं घर जाकर क्या करुंगा। मेरे पास पैसा भी नहीं थी। इस वजह से दिलदारनगर स्टेशन पर उतर गया और आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के आगे कूद गया, लेकिन पुलिस कर्मियों ने मुझे बचा लिया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि सूचना पर युवक के परिवार के लोग यहां आए थे। लिखा-पढ़ी के बाद युवक को उन्हें सौंप दिया गया। लोग पुलिस कर्मियों के इस कार्य की सराहना करते हुए घटना की चर्चा करते रहे।