अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नंद कुमार रावत ने वर्ष 2002 में हुए मारपीट के एक मामले में छह अभियुक्तों को एक साल के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जमानिया कोतवाली के बड़ेसर गांव निवासी सुशीला देवी पत्नी रामविलास सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के गंगा, हरिशंकर, प्रेमचंद, अक्षय, मुन्ना और बेवी ने 20 जुलाई 2002 के सायंकाल चार बजे घर में घुसकर मारा-पीटा और तोड़फोड़ की। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में विचारण के दौरान कुल चार गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को धारा 323, 504 और 506 के तहत दोषी पाते हुए एक साल का कारावास तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। उधर अदालत ने गंगा और बेवी को प्रोवेशन पर तीन साल के रिहा कर दिया। साथ ही अभियुक्तों को आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि एक माह के भीतर पीड़िता सुशीला देवी को भुगतान करें।