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दबंगों की दबंगई से नहीं मिल रहा तत्काल टिकट

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मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। यूसुफपुर रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण काउंटर पर दलालों की मनमानी के चलते आम लोगों को तत्काल टिकट कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी होने के बाद भी किसी स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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आरक्षण काउंटर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक खुला रहता है। स्टेशन पर सक्रिय दलाल प्रतिदिन रात में ही एक सादे कागज पर पांच लोगों का नाम लिख कर चस्पा कर देते हैं। सुबह आठ बजे काउंटर खुलते ही तत्काल टिकट बुक होता है। मात्र कुछ मिनटों में ही तत्काल टिकट की बुकिंग समाप्त हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरतमंद लोग तत्काल टिकट लेने के लिए भोर से ही कतार में खड़े रहते हैं। सात-आठ घंटे कतार में खड़े रहने के बाद टिकट काउंटर खुलता है। तो उन्हें टिकट न देकर काउंटर लिपिक द्वारा दलालों की तरफ से चस्पा सूची को प्राथमिकता देकर पहले उन्हें टिकट दे दिया जाता है। कतार में खड़े लोग निराश होकर बिना टिकट पाये वापस चले जाते हैं। शिकायत करने पर संगठित गिरोह के सदस्य ग्रामीणों के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। टिकट को लेकर कई बार कतार में खड़े लोगों एवं दलालों के बीच मारपीट की घटना घटित हो चुकी है। लोगों की शिकायत पर पिछले 25 मई को गाजीपुर सिटी स्टेशन के आरपीएफ पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक गुलाब सरोज ने अपने हमराहियों के साथ औचक छापेमारी कर टिकट काउंटर के अंदर बैठ कर टिकट बनवाते दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। हालांकि स्थानीय लोगों एवं दुकानदारों के विरोध के चलते उन्हें छोड़ना पड़ा। लोगों का आरोप है कि टिकट काउंटर क्लर्क की तरफ से दलालों की मिलीभगत से उनके द्वारा पहले चस्पा किए गए पांच नामों का टिकट एवं अपने साथ लेकर आई कुछ पर्चियों का टिकट बनाने के बाद ही कतार में खड़े अन्य लोगों का टिकट बनाने का कार्य शुरू किया जाता है। तब तक तत्काल टिकट बुक हो चुका होता है। लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ता है। लोगों ने यूसुफपुर स्टेशन के रेल टिकट आरक्षण काउंटर को दलालों से मुक्त कराने के लिए तत्काल टिकट के समय आरपीएफ के जवानों की ड्यूटी लगाये जाने की मांग की है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक प्रमोद शर्मा ने कहा कि किसी को नंबर लगाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। शिकायत मिलने पर विभागीय कर्मी की संलिप्तता पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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