जमानिया(गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र के रायपुर गांव में शौचालय के लिए लाभार्थियों द्वारा अधिकारियों से शिकायत करना महंगा पड़ गया। अधिकारियों से शिकायत करने पर बिफरे ग्राम प्रधान ने एक लाभार्थी की जमकर पिटाई कर दी। शुक्रवार देर शाम जब रायपुर गांव में शौचालय निर्माण में अवैध धन उगाही की शिकायत पर एडीपीआरओ बृजेश कुमार मौर्य ब्लाक कोआर्डिनेटर दयानंद यादव और लकी सिंह जांच करने पहुंचे।
अधिकारियों से ग्रामीणों ने बताया कि सूची में नाम होने के बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा पहली किस्त 60 लोगों के शौचालय का निर्माण के लिए 6000 रुपये की दर से तीन लाख साठ हजार उतार लिया गया है। जबकि मौके पर 30 शौचालयों का ही निर्माण हुआ है। इसकी जांच में भी वह शौचालय नहीं मिले। वहीं इसकी सूचना जैसे ही ग्राम प्रधान को हुई ग्राम प्रधान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं प्रधान के सामने ही जब ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की तो प्रधान आपे से बाहर हो गया और ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दिया। माहौल गर्म देख जांच के लिए आए अधिकारी खिसक गए। वहीं अधिकारियों के जाने के बाद ग्राम प्रधान और लाभार्थियों में जम कर लात घुसा चला। इसके बाद ग्रामीणों ने फोन कर डायल 100 पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर कोतवाली ले आई। इस संबंध में कोतवाल राजाराम ने बताया कि जांच में एडीपीआरओं और अन्य अधिकारी शौचालय की जांच में गए थे। जहां शौचालय निर्माण को लेकर विवाद हुआ और मारपीट हुई। इसमें दोनों पक्षों से ग्राम प्रधान पुलिस राम और वकिल राम को चालान कर जेल भेजा दिया गया है। एडीपीआरओ बृजेश कुमार मौर्य ने बताया कि जांच के दौरान 30 शौचालय बने हैं जो कि मानक के अनुरूप नहीं है। वहीं जिन लोगों का नाम बेस लाईन सूची में है उनका शौचालय निर्माण नहीं कराया गया है।