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वर्ष 2007 में कांग्रेस से चुनाव लड़ चुका है अर्जुन कश्यप

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गाजीपुर। सिपाही हत्याकांड का मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप वर्ष 2007 में कांग्रेस पार्टी से जमानिया विधानसभा का चुुनाव लड़ चुका है। तब पार्टी ने अर्जुन कश्यप पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया था, लेकिन अंतत: अर्जुन कश्यप को हार का मुंह देखना पड़ा था। अर्जुन अब पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक अर्जुन कश्यप द्वारा ही पुलिस पर हमले की रणनीति तैयार की गई थी और पूरा उपद्रव कराया गया था, जबकि अर्जुन द्वारा दिए गए एक बयान में घटना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया गया है।
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बीते 29 दिसंबर को निषाद पार्टी द्वारा पिछड़ों को आरक्षण की मांग को लेकर सरयू पांडेय पार्क में धरना देने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनपद में आगमन होने तथा आरटीआई मैदान में जनसभा और महाराजा सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी किए जाने को लेकर जिला प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। इससे नाराज निषाद पार्टी के कार्यकर्ता शहर से सटे कठवामोड़ पुल के पास धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूरे दिन धरना देने के बाद सायंकाल निषाद पार्टी ने गाजीपुर-मुहम्मदाबाद मार्ग अंतर्गत कठवामोड के पास जाम लगा दिया। लोगों की भीड़ और पुलिस अधिकारी भी जाम में फंसे रहे। कठवामोड़ पुल के पास जाम की सूचना उच्चाधिकारियों को मिलते ही जाम समाप्त कराने के लिए करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया गया। पुलिस ने जाम समाप्त कराने का अभी प्रयास शुरू ही किया कि जाम लगाने वाले पथराव और मारपीट शुरू कर दिए। इस दौरान पुलिस कर्मी सुरेश प्रताप वत्स की मौत हो गई। इस उपद्रव के मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप को पुलिस खोज रही है, लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं मिला है।
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