सुहवल(गाजीपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात और बुधवार को अज्ञात कारणों से लगी आग में दो पक्का मकान सहित पांच रिहायशी झोपड़ियों में आग लग गई। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू जरूर पाया, लेकिन तब तक हजारों की गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
सुहवल निवासी मोहम्मद सालम अपने दो मंजिले पक्के मकान में परिवार के साथ मंगलवार की रात सोये थे। इसी दौरान रात करीब दो बजे दम घुटने की वजह से परिजनों की नींद टूट गई। देखा कि कमरे में धुआं भरा हुआ था। आनन-फानन में परिवार के लोग भाग कर बाहर निकले और मकान से आग की लपटें उठने लगीं। परिजन के सदस्य शोर मचाने लगे। शोर सुनते ही आस-पड़ोस के लोग दौड़कर मौके पर बाल्टी, डिब्बा से पानी डाल कर बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की घटना में टीवी, कूलर, पंखा, कपड़ा , हजारों नगद नकदी, चारपाई, अनाज, बर्तन, बक्सा में रखा आभूषण सहित गृहस्थी सहित हजारों का सामान जलकर नष्ट हो गया। उधर गांव निवासी किसान रामजग यादव का परिवार खलिहान में फसल की मड़ाई करने के लिए गया था। इसी दौरान दिन में करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से एक से बाद एक पांच रिहायशी झोपडियों के साथ ही एक पक्का मकान आग का गोला बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल आग की सूचना रामजग के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही वह भाग कर मौके पर पहुंचे। शोर-शराबा के बीच ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियों और मकान में रखा सैकड़ों कुंतल अनाज, मवेशियों का चारा, कपड़ा, चारपाई, जरूरी कागजात, गहना, टीवी आदि सहित हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गए। आग में सबक ुछ स्वाहा होने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। न तो तन ढंकने के लिए कपड़ा बचा और न पेट भरने के लिए अनाज। सूचना पर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व कर्मी ने पीड़ित से नुकसान की जानकारी लेने के बाद उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया।
आग से गेहूं की फसल राख
सादात। मनिहारी ब्लाक के सौरी निवासी अंबिका राय के खेत में बिजली के तार से निकली चिंगारी से बुधवार की दोपहर आग लग गई। जानकारी होते ही अंबिका सहित ग्रामीण मौके की तरफ दौड़ पड़े। जब तक लोग आग बुझाते, तब तक कुछ ही देर में ढाई बीघा गेहूं की फसल राख में तब्दील हो गई। पीड़ित ने बताया कि जिस समय आग लगी, उस समय तेज हवा चल रही थी, इसलिए कुछ ही देर में पूरी तरह फसल जल गई।