मनिहारी। बिना कार्य के ही फर्जी मस्टररोल से लाखों रुपये गोलमाल करने का मामला प्रकाश में आया है। बृहस्पतिवार की शाम खंड विकास अधिकारी ने जब दर्जनों गांवों का भ्रमण कर कार्य का सत्यापन किया तो हकीकत सामने आई। वह रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। गौसपुर बुजुर्गा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता डा.एम खालिद ने कुछ दिन पूर्व मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि बिना कार्य कराए ही फर्जी मस्टररोल से लाखों रुपये का भुगतान करा लिया गया। शिकायती पत्र देने के बाद भी 24 जनवरी से 15 फरवरी तक सात लाख का भुगतान कराया गया। खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा जांच में बुजुर्गा गांव में पोखरा की खुदाई में जहां 46 मजदूर, इंद्रपुर छीड़ी में 43 मजदूर, सुजनीपुर में 121 मजदूर, मरदानपुर लक्ष्मन में 38 मजदूर को कार्यरत दिखाया गया है। वहीं ग्राम पंचायत नियांव में पोखरी खुदाई एवं बंधा निर्माण के नाम पर एक जनवरी, ग्राम पंचायत मौधिया में दो बंधा निर्माण के नाम पर बीते 12 जनवरी एवं ग्राम पंचायत अड़िला में मनोज के घर से पिच रोड तक बंधा निर्माण तथा पोखरी खुदाई के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये निकाले गए। यही नहीं बिना रोजगार सेवकों के जानकारी के सरौली उर्फ पहेतिया, सुजनीपुर सहित दर्जनों गांवों में मनरेगा के कार्यों के लिए मस्टररोल निकाल कर फरवरी के दूसरे सप्ताह में लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया की फर्जी मस्टररोल की शिकायत पर जांच की गई है जहां पर कोई कार्य प्रगति पर नहीं पाया गया। सभी कार्यों के मस्टररोल को जीरो करने का निर्देश दे दिया गया है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।