दुबिहा। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही अभी कायम है। हालात यह है कि खंड विकास अधिकारी के आदेश को भी ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा दरकिनार किया जा रहा है। मामला बाराचवर विकासखंड के ग्राम पंचायत भरौली आला से संबंधित है। ग्राम निधि के धन से बने खड़ंजा को उखाड़ने के मामले में एक शिकायत पत्र एक वर्ष पूर्व डीएम को सौंपा गया था। इसकी जांच खंड विकास अधिकारी को मिली। इसमें तीन सदस्यीय अधिकारियों की कमेटी गठित की गई थी। इन अधिकारियों ने उस आदेश का पालन करते हुए दोषियों के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था, लेकिन एक वर्ष बाद भी अभी तक एफआईआर नहीं हो सकी। हालांकि शिकायतकर्ता इंद्रदेव यादव ने रविवार के दिन जन सुनवाई के दौरान खंड विकास अधिकारी को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) देकर एफआईआर कराने की मांग की। बताया कि ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 2006 में ग्राम निधि से बनाए गए खड़ंजा को कुछ अराजक तत्वों द्वारा उखाड़ लिए जाने और अपनी बाउंड्री में उस रास्ते को अंदर घेर लिए जाने का जिक्र किया है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी शिवांकात वर्मा ने बताया कि मुझे शिकायत पत्र के द्वारा जानकारी हुई है। मामला पुराना है। इसकी जांचकर कार्रवाई होगी।