कठवामोड। नोनहरा थाने के फत्तेपुर अटवा गांव निवासी राशिद खान और शहबाज खान अक्सर साथ रहते थे। दोनों अच्छे दोस्त भी थे। आपस में एक दूसरे के सुख-दु:ख भी साझा करते थे। मृतक आलम पट्टी में मोटर मकैनिक था। उसके साथ शहबाज भी कभी कभार चला आता था। दोनों कुछ महीनों से अलग-अलग रहने लगे थे। लेकिन एक मामूली विवाद ने राशिद की जान ले ली। बृहस्पतिवार की रात शकील खान के पुत्र राशिद और शहबाज खान के बीच सीमेंटेड शेड के नुकसान की भरपाई न करने और टूटे हुए शेड को राशिद के दरवाजे पर लाकर रखने के बाद पुराना विवाद ताजा हो गया था। राशिद के पिता शकील खान एवं परिवार के लोगों से कहासुनी एवं मारपीट तक हुई। इस बीच कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को दबा दिया। तब लोगों ने सोचा तक नहीं था कि अंजाम कत्ल तक पहुंच जाएगा। राशिद की चाकू से गोद कर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई। हत्या की जमीन चौबीस घंटे पहले ही तैयार हो गई थी। इसी योजना के तहत सब कुछ किया गया था। राशिद की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। राशिद अपने चार भाईयों में तीसरे नंबर का था। उसकी एक बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। मृतक की मां सलमा बेगम बेटे के गम में बिलखती रही। गांव के लोग सुबह से शाम तक पीड़ित परिवार को ढ़ाढस बंधाने में जुटे रहे। एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया है कि पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।