न्यायालय में प्रथम दृष्टया आरोप 2 जनवरी 2023 को बनाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक रवि कांत पांडे ने 8 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।