अपर सत्र न्यायाधीश /एमपी/ एमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद कोतवाली के उसरी चट्टी हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से मंगलवार को गवाह इजराइल अंसारी का बयान दर्ज हुआ। आरोपियों के अधिवक्ता द्वारा जिरह भी अंकित किया गया। 20 दिसंबर को अगली तिथि नियत की गई है। साथ ही मुख्तार अंसारी का बयान कराने के लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि वादी मुकदमा मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से 20 दिसंबर को न्यायालय में उपस्थित करें।
आदेश की एक प्रति जिला कारागार बांदा को भेजने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि नियत तिथि पर किसी प्रकार का स्थगन स्वीकार नहीं किया जाएगा। मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग की।
इसमें मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं रुस्तम उर्फ बाबू घायल हुआ था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। हमलावरों में से एक मारा गया था। मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थीं। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया था, जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई थी।
गवाही के लिए 20 दिसंबर की तिथि नियत
गाजीपुर। बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड के मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी के न्यायालय में गवाह शमीम की जिरह पूरी हो गई। शेष गवाही के लिए 20 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि तीन दिसंबर 1990 की सुबह 7.30 बजे सरफराज अंसारी सैदपुर थाना इलाके में नहर में निर्मित कार्य करा रहे थे। तब तक एक नीली मारुति कर से आरोपी त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह और बृजेश सिंह सहित दो अज्ञात व्यक्ति राइफल से लैस होकर पहुंचे थे। पकड़कर मारने पीटने लगे और सरफराज के बैग में रखे रुपये को छीन लिए और दहशत पैदा करके मजदूरों को भगा दिए। इसके बाद साइड पर खड़ी ट्रक के टायर में गोली मार कर टायर को फाड़ दिए और उसके सहयोगी को थप्पड़ से पीटकर भगा दिए। वादी की सूचना पर थाना सैदपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।