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लापरवाही: बढ़ रहा संक्रमण, नहीं बढ़ रही जांच

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गाजीपुर। कोरोना का इस बार का संक्रमण पहले की अपेक्षा घातक सिद्ध हो रहा है। ऐसा जिले में बढ़ रहे संक्रमण को की संख्या से पता चल रहा है। बीते सात दिनों में 50 नए संक्रमित मिल चुके हैं। लेकिन लगातर बढ़ते ग्राफ के बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष कोविड जांच को लेकर विभाग सक्रिय नहीं है। जबकि जांच के लिए विभाग की ओर से हर ब्लाक पर एक टीम के साथ पूरे जिले में 22 टीमें गठित की गई हैं। संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल को नौ नए मामले, 31 मार्च को 13, 30 मार्च को तीन और, 29 मार्च को 10 नए संक्रमित मिले। बीते सप्ताहभर में बृहस्पतिवार की शाम तक 50 नए मरीज मिल चुके हैं। लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसकी रोकथाम को लेकर ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जबकि लगातार नए संक्रमित मिलने से संक्रमण का खतरा अभी भी बरकरार है। उधर स्वास्थ्य विभाग के प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उमेेश कुमार का कहना है कि नगर के जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा दो मोबाइल टीमेें तथा जिले के 16 ब्लाकों पर एक-एक टीम द्वारा कोविड-19 की जांच नियमित तौर से की जा रही है। बताया कि कोरोना संक्रमण ग्राफ को रोकने के लिए प्रतिदिन 800 आरटीपीसीआर तथा 800 एंटीजेन टेस्ट टीम को करना है। स्वास्थ्य विभाग के इस दावे के विपरीत सैंपल कलेक्शन के आंकड़ों पर गौर करें तो विभाग की सक्रियता का अलग अंदाज दिख रहा है। एक अप्रैल को 1600 के सापेेक्ष 1343 जांच की गई। इसमें आरटीपीसीआर के 545 जबकि एंटीजेन से 798 लोगों की जांच की गई। 31 मार्च को 1317 जांच की गई, जिसमें आरटीपीसीआर की 517 जबकि एंटीजेन की 800 जांच शामिल थी। 30 मार्च को आरटीपीसीआर से 256 जबकि एंटीजेन से 575 जांच, 29 मार्च को 57 लोगों का एंटीजेन टेस्ट हुआ। 27 मार्च को 1600 के सापेक्ष 369 आरटीपीसीआर तथा 640 एंटीजेन टेस्ट हुआ। 26 मार्च को कुल 1159 सैंपल में आरटीपीसीआर 472 तथा एंटीजेन 687, 25 मार्च को 1229 सैंपल में आरटीपीसीआर 403 जबकि एंटीजेन 826 था। 24 मार्च को 1240 सैंपल में 508 आरटीपीसीआर तथा एंटीजेन 732 था। हालांकि जांच कम होने की एक वजह लोगों की जागरूकता में कमी का होना भी है। दरअसल लोग आरटीपीसीआर जांच कराने के बजाए एंटीजेन टेस्ट कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. जीसी मौर्या ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत जांच कराने की कवायद की जा रही है। इसके तहत ही आरटीपीसीआर जांच कराने में शिथिलता बरतने पर जखनिया, भदौरा, बाराचवर, कासिमाबाद अस्पताल के प्रभारियों को नोटिस जारी किया गया है-
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