गाजीपुर। कोरोना संक्रमण का ग्राफ एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। कई महानगरों में कोरोना मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से पूर्व के हालात की यादें लोगों की जेहन में एक बार फिर से ताजा हो गई हैं। जब लॉकडाउन से न जाने कितनों ने रोजगार ही नहीं बल्कि इस महामारी से कइयों ने अपनों को खोया लेकिन इतनी मुश्किलें होने के बाद कई सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले। साफ-सफाई के साथ लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक दिखे। वर्तमान में जो हालात दोबारा बन रहे हैं ऐसे में लोगों को एक बार पुन: इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए वही जागरूकता दिखानी होगी। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. शिवकुमार ने बताया कि जब कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई तो उसको लेकर लोगों में जागरूकता उतनी नहीं थी लेकिन सरकार की ओर से लाकडाउन करने के बाद बचाव को लेकर जागरूक हुए। इतना ही नहीं लोगों ने मनौवैैज्ञानिक रूप से इस बीमारी के साथ जीने के लिए खुद को तैयार कर लिया है। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एखलाक खान कहते हैं कि कोरोना काल को सामाजिक बदलाव के नजरिए से देखा जाए तो लोगों के रहन-सहन में काफी बदलाव आया। वर्क फ्राम होम होने के चलते लोग घरों में नियमित कार्य करते रहे। एक-दूसरे के बारे में जानकारी लेने के लिए सोशल मीडिया का चलन बढ़ा। वर्तमान में दूसरे चरण में कोरोना संक्रमण का ग्राफ कई जगहों पर बढ़ता दिख रहा है। इसको लेकर लोगों को एक बार फिर जागरूकता दिखाने की जरुरत है।