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Ghazipur News: दोनों पक्षों को समझाया-बुझाया, 99 फीसदी से ज्यादा मामला सुलझाया

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महिला हेल्प डेस्क पीड़िताओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। शासन के द्वारा थानों में महिलाओं की सुविधाओं और उनके शिकायतों के निस्तारण के लिए इसकी स्थापना की गई है। बीते वर्ष के आंकड़े देखें तो एक जनवरी 2022 से 30 नवंबर 2022 तक 4413 मामले आए, जिसमें से 4390 प्रार्थना-पत्र निस्तारित हो चुके हैं। यानी औसतन हर महीने 399 मामले हेल्प डेस्क ने निस्तारित किए। इतना ही नहीं अगर प्रतिशत की बात करें तो पिछले वर्ष आए 99 फीसदी से ज्यादा मामले सुलझाए जा चुके हैं।
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थानों में स्थापित हेल्प डेस्क में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है। यहां मामलों की तत्काल सुनाई की जाती है। अधिकतर मामले दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह समझौते से निपटाए जाते हैं। महिला हेल्प डेस्क में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, पति-पत्नी के बीच विवाद और जमीन संबंधित आ रहे हैं। छेड़छाड़, मारपीट और गुमशुदगी के भी मामले भी पहुंच रहे हैं।
सुहवल थाने के महिला हेल्प डेस्क में अगस्त माह से अब तक कुल 44 विभिन्न मामले आए हैं। सभी का निस्तारण दोनों पक्षों के आपसी सहमति से सुलह समझौता हो गया। इसी तरह रेवतीपुर थाना स्थित महिला हेल्प डेस्क में छह महीने में 60 विभिन्न तरह के मामले आए इन सभी का भी दोनों पक्षों के आपसी रजामंदी से सुलह समझौता कर लिया गया।
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केस स्टडी- एक
चकियां गांव निवासी बिंदू और संजय के बीच पिछले कई महीनों से जमीन का विवाद चल रहा था। लाख प्रयास के बाद भी निस्तारण नहीं हो पा रहा था। बिंदू ने इसकी शिकायत महिला हेल्प डेस्क पर की। जहां थाने में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सुलह समझौता कर लिया।
केस स्टडी - दो
त्रिलोकपुर निवासी संजना और नरेश के बीच आपसी जमीन का विवाद पिछले छह महीने से चल रहा था। निस्तारण न होता देख संजना ने इसकी शिकायत महिला हेल्प डेस्क में किया। दोनों पक्षों ने थाने में आपसी सहमति से सुलह समझौता कर लिया।
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