विद्युत उपकेंद्र कुंडेसर से संबंधित संविदाकर्मी लाइनमैन मनोज प्रजापति का शव शनिवार को शाम विद्युत उपकेंद्र के पास स्थित उसके आवास पर पहुंचा। मनोज का अंतिम संस्कार बीरपुर गंगा घाट पर किया गया। मुखाग्नि पिता कैलाश प्रजापति ने दी।
शनिवार को बिजली विभाग द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में पांच लाख रुपये मृतक लाइनमैन मनोज की पत्नी को दिया गया। इसके साथ ही दो दिनों से जारी बहिष्कार समाप्त कर लाइनमैन काम पर लौट आए। इस प्रकार लगभग 33 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हुए थे।
बिजली संगठनों के पदाधिकारियों अतिरिक्त प्रांतीय मंत्री निर्भय नरायण सिंह, जिला संयोजक सुदर्शन सिंह और जिला अध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने और दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलाने की मांग रखी है। इसपर विभाग की ओर से आश्वासन मिला है।
बता दें 26 दिसंबर को मलसा के पास तकनीकी गड़बड़ी ठीक करते समय संविदाकर्मी लाइनमैन मनोज प्रजापति करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना से नाराज संविदाकर्मी लाइनमैनों ने मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का दिया था। विभागीय अवर अभियंता पंकज कुमार रावत द्वारा शनिवार को विभाग द्वारा मुआवजा दिए जाने की सुचना पर संविदा कर्मी काम पर लौटे।