नगर के कुर्था गांव में शुक्रवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल बीएसएफ जवान पवन प्रजापति के घर पहुंचा। उसने पीड़ित परिवार से मामले में हो रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली।
मालूम हो कि बीते 26 सितंबर को पवन प्रजापति की पत्नी किरन प्रजापति की हत्या कर घर से कई कीमती सामान गायब हुए थे। लेकिन अभी मुख्य हत्यारे और गायब सामान की बरामदगी पुलिस नहीं कर सकी है। प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में पीड़ित बीएसएफ जवान पवन प्रजापति ने बताया कि 26 सितंबर की वारदात के बाद आज तक मौके से गायब सीसीटीवी के डीवीआर, लाइसेंसी पिस्टल, दो एंड्राइड फ़ोन, नगदी, जेवर को बरामद करने के साथ अन्य आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ सकी है। जबकि दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत गया है।
पवन ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एसपी ने सभी आरोपियों को पकड़ने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अभी तक मामले का पूरी तरह अनावरण नहीं हो सका है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम ने वहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से मामले की कर्रवाई के बारे में पूछताछ की, लेकिन पुलिस संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि वर्तमान योगी सरकार लाख सुशासन के दावे कर ले लेकिन यूपी में आम आदमी तो दूर देश के जवान भी सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार चरम पर है। किरण प्रजापति की हत्या को आज 18 दिन हो गए और मुख्य कातिल और गायब समान आज तक पुलिस ढूंढ नहीं पाई। पुलिस अपनी नाकामयाबी छिपाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है।
जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि इस मामले का संज्ञान कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी एवं प्रदेश अध्यक्ष बीएल खाबड़ी ने भी लिया है। अगर जल्द इस मामले का अनावरण निष्पक्ष ढंग से नहीं किया गया तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ेगी। इस मौके पीसीसी सदस्य डा. जनक कुशवाहा, लाल साहब यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, सुनील साहू, ज्ञान प्रकाश सिंह मुन्ना समेत अन्य लोग शामिल रहे।