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शिकायतें बेशुमार, समाधान की टूटती आस

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जन समस्याओं के निबटारे को लेकर शनिवार को तहसीलों पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। सदर तहसील में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें 74 शिकायतें आईं। मौके पर 9 का निस्तारण किया गया। ऐसे ही सातों तहसील से संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 518 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 31 का निस्तारण किया गया।
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इसी क्रम में तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 79 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील जमानियां में तहसीलदार की अध्यक्षता में 73 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें से तीन का मौके पर निस्तारण हुआ। सैदपुर तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 63 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें मौके पर चार का निस्तारण किया गया। तहसील मुहम्मदाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 52 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें से पांच का मौके पर निस्तारण हुआ।
तहसील सेवराई में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 73 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर दो का निस्तारण किया गया एवं तहसील जखनियां में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 104 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें से पांच का मौके पर निस्तारण किया गया।
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मुख्य विकास अधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलंब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण कराई जाए। उन्होंने सार्वजनिक भूमि, तालाब, सरकारी भूमि, ग्राम समाज के भूमि पर अवैध अतिक्रमण को एक अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया।
तहसील पर आते आते घिस गई चप्पल
कासिमाबाद। स्थानीय तहसील पर समाधान दिवस पर सुबह 10 बजे तक एसडीएम सहित अन्य अधिकारी पहुंच गये थे। वहीं, क्षेत्र के तमाम गांवों से सुबह नौ बजे से ही फरीयादी अपनी समस्याओं के समाधान के आस में पहुंचने लगे थे। करीब चार घंटे चले समाधान दिवस शिविर में 79 शिकायत अधिकारियों के सामने पेश हुए जिसमें से सिर्फ तीन का ही निस्तारण हुआ।
ऐसे में फरियादियों ने आरोप लगाया कि समस्याओं की स्थिति जस की तस है। एक फरियादी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि तहसील पर आते-आते मेरी चप्पल घिस गई, लेकिन मेरी समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। यहां न्याय मिलेगा कि नहीं मिलेगा कहना काफी मुश्किल है।
मैं अपने खेत से सटे सड़क की पैमाइश कराने के लिए पिछले एक माह से परेशान हूं । तहसील और थाने पर आयोजित समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र कई बार दिया लेकिन सड़क की पैमाइश नहीं हुई । मुझे डर है कि मेरे खेत में सड़क का हिस्सा बताकर परेशान किया जा सकता है।
संजय कुमार निवासी खजूर गांव
मैंने अपनी जमीन के बंटवारे के लिए उप जिलाधिकारी के यहां वाद दाखिल किया है। इसमें लेखपाल की रिपोर्ट लगानी है । लेखपाल से लगातार मिलकर रिपोर्ट लगाने के लिए कहा। लेकिन मेरे पट्टीदारों के दबाव में आकर रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं । लेखपाल धमकी देता है कि जहां शिकायत करना है कर लो मैं जो चाहूंगा वही होगा ।
जानकी देवी निवासी मुहम्मदपुर कुसुम ।
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मेरे गांव में तालाब और गड़ही की जमीन पर कई लोगों ने मकान और शौचालय बनाकर कब्जा कर लिया है। इसके लिए मैंने कई बार प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन एक बार भी मौके पर किसी अधिकारी या लेखपाल ने जाकर यह नहीं देखा कि वास्तव में तालाब और गड़ही में कब्जा किया जा रहा है या नहीं । -हरि राम चौहान, मुहम्मदपुर तरवा
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गाजीपुर गोरखपुर मार्ग पर बन रहे फोरलेन में मेरी जमीन को अधिग्रहित की गई है । अब सड़क पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई । लेकिन अभी तक मुझे मुआवजा नहीं मिला है। इसके लिए मैं लंबे समय से परेशान हूं। लेकिन मुझे न्याय नहीं मिल रहा है । तहसील और थाना पर दौड़ते दौड़ते मेरा मन काफी दुखित हो गया है।
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रामदुलार कुशवाहा सरार ऊर्फ हैदरगंज
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