गाजीपुर। जिले में ठंड कहर जारी है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री पहुंचने पर गलन बेहद रही। ऐसे में बुधवार सबसे ठंडा दिन रहा। तेज सर्द हवाएं हाड़ कंपाती रही। ठिठुरते हुए लोग घरों में ही दुबके रहे। पिछले एक पखवारे से ठंड में निरंतर बढ़ोत्तरी की वजह से लोगों को थोड़ी भी राहत नहीं मिल रही है। उधर, पाले का असर सब्जी की फसलों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार को आसमान में बदली रही। सुबह से शीतलहर और गलन लोगों को कंपकंपाती रही। जिले में अधिकतत तापमान 21 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर बाद कुछ देर के लिए हल्की धूप निकली, लेकिन वह ठंड को दूर करने में बेअसर रही। ठंड के चलते लोग घरों से कम ही निकले। जरूरी काम से निकले लोग भी अपने को गर्म कपड़ो में लपेटे रहे। लोगों ने खास तौर पर बच्चों और बुजुगों को घरों से निकलने ही नहीं दिया। बाजारों में भी रोजाना की अपेक्षा चहल पहन कम दिखी। हालांकि शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया और दुकानें जल्दी ही बंद हो गईं। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या कम रही। जो रहे वह अलाव से ठंड दूर करने का प्रयास करते रहे। ठंड में इजाफा होने के बाद भी चौराहों पर अलाव तक नहीं जले हैं। राहगीरों व गरीबों को सर्दी से अभी राहत तक नहीं मिल पा रहा है। हालांकि लोग अपने स्तर से लकड़ी आदि की व्यवस्था कर अलावा का इंतजाम किए हैं। जिससे राहगीरों को भी ठंड से राहत मिल रही है। उधर पाले का असर आलू सहित अन्य खेती पर पड़ने से किसान चिंतित हैं। किसानों ने गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों को लेकर चिंता जताई है। पाला का असर खासकर सरसों, चना, मसूर, अरहर और सब्जी की खेती पर पड़ सकता है। इससे बचने के लिए अभी किसान फसलों की सुरक्षा करने में जुट गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी सर्द हवाओं का प्रकोप कुछ दिन और जारी रहेगा।