फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर में 52 की जगह 11 स्थानों पर ही जल रहा था अलाव

विज्ञापन
10.00 बजे: शहर के रोडवेज बस स्टेशन पर अलाव के पास खड़े लोग। - फोटो : GHAZIPUR
विज्ञापन
गाजीपुर। रविवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहा। देर शाम से आसमान में बादल छा गए। ठंड व गलन से जनजीवन बेहाल रहा। हाड़ कंपा देने वाली ठंड का असर साफ दिखाई देने लगा है। आलम यह है कि सड़कें शाम को ही सुनी हो जा रही हैं। रात साढ़े बजते ही शहर की 90 फीसदी दुकानें बंद हो गई थी। शहर में गिने-चुने जगहों पर ही अलाव जल रहे थे। ‘अमर उजाला’ टीम ने रात के दस बजे जब शहर के चौराहों की पड़ताल की, तो दर्जनभर चौराहों पर अलाव तो दूर एक लकड़ी तक भी देखने को नहीं मिली। उधर नगर पालिका परिषद शहर में 52 जगहों पर अलावा जलाने का दावा कर रहा है। नगर में घुमने के बाद बमुश्किल 11 जगह ही अलाव जलता दिखाई दिया। इन दिनों पूरे पूर्वांचल में में ठंड का सितम जारी है। ठंड से आम नागरिक के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। भीषण ठंड से बचाव के लिए लोग घरों में दुबके हुए हैं। लेकिन रोजमर्रा के काम करने वाले मजदूर वर्ग बेबस और लाचार है। ऐसे लोग के लिए जिला प्रशासन अथवा नगरपालिका की जिम्मेदारी बनती है कि ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करें। कुछ चौराहों पर अलाव जलने से लोगों को काफी राहत मिल रही है। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कलेनाबाद, महुआबाग, रौजा आदि पर अलाव जलते देखा गया। जबकि कचहरी रोड चौराहा, लंका बस स्टैंड चौराहा, विशेश्वरगंज चौराहा, पीरनगर चौराहा, स्टीमरघाट, कलेक्ट्रेट घाट तिराहा आदि स्थानों पर कहीं भी अलाव नहीं जल रहा था। ऐसे में वहां के स्थानीय दुकानदार, राहगीर, रिक्शा चालक, ई-रिक्शा चालक आदि को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रात के दस बजे शहर के रोडवेज बस स्टेशन पर अलाव जल रहा था। वहां कुछ यात्री ठंड से बचने के लिए अलाव के पास खड़े थे। 10.05 बजे शहर के सकलेनाबाद में ठंड से निजात पाने के लिए अलाव जलाने के लिए एक युवक परेशान था। करीब दस मिनट के अंदर कुछ राहगीर भी अलाव न जलने की वजह से वहां से आग बढ़ गए। 10.10 बजे: शहर के महुआबाग में अलाव जलने से आस-पास के लोग वहां पहुंचकर हाथ सेंकते देखे गए। लोगों का कहना है कि अलाव गरीबों के लिए संजीवनी से कम नहीं है। 10.20 बजे रेलवे स्टेशन के पास अलाव जलता मिला। वहां हर समय ठंड से कांपने वाले यात्रियों की भीड़ देखी गई। लोग अलाव तापने के लिए हर समय मौजूद रहते हैं। यह अलाव आस-पास के मजदूर, रिक्शा और आटो चालकों को भी राहत देने का काम करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें