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Ghazipur News: नहरों की सफाई लटकी, सिंचाई विभाग ठेकेदारों पर करेगी कार्रवाई

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सिंचाई विभाग को रबी सीजन से पहले नहरों से सिल्ट, झाड़ी आदि को हटाना होता है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया होने के बावजूद अभी तक पूरे जिले में आधी नहरों की भी सफाई नहीं हो पाई है। आलम यह है कि कई जगहों पर ठेकेदार काम भी शुरू नहीं करा पाए हैं। जबकि कई जगहों पर ठेकेदर सफाई का काम आधा-अधूरा ही कर पाए हैं। आधी-अधूरी सिल्ट सफाई का काम होने से नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे किसानों को सिंचाई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय नहरों की सफाई ठीक ढंग से होने से पूरे साल इसका फायदा मिलता है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी नहरों की सफाई का काम करा रहे ठेकेदारों पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। विभाग धीमी रफ्तार और आधा-अधूरा काम करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करने का मन बना चुका है।
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नहरों की साफ-सफाई का काम इस बार समय से पूरा होता नहीं दिख रहा है। सिंचाई विभाग हर हाल में 25 दिसंबर तक काम पूरा कराने का दंभ भर रहा है। लेकिन कई जगहों पर ठेकेदार सफाई का काम आधा-अधूरा ही कर पाए हैं।
मौधा संवाददाता के अनुसार, शारदा सहायक खंड 36 की नहर से निकलने वाली अमुवारा रजवाहा की अनौनी माइनर झाड़ झंखाड़ से पटी पड़ी है। उसकी साफ सफाई का काम अधर में ही छोड़ दिया गया है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के कईं गांवों के किसानों को सिंचाई संकट के रूप में झेलना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के पोखरा मोड़ बाजार में अमुवारा रजवाहा से एक माइनर धुंधपुर, तांता होते हुए अनौनी गांव की ओर जाती है। जिसका टेल मरी माई की कुटिया से होकर पूरब का पुरा और राजभरों की बस्ती के पास जाकर एकौझी नदी में मिल जाता है। पर माइनर की सफाई कभी नहीं हो पाती है। किसानों ने बताया कि सफाई का काम कुछ दिनों पूर्व ही शुरू तो किया गया। लेकिन काम बीच में ही रोक कर ठेकेदार लापता हो गया।
इस बार नहरों में पानी छोड़े जाने के पूर्व अनौनी सहित क्षेत्र के सभी माइनरों की सफाई कर सिंचाई के लिए उनमें पानी छोड़ा जाना सुनिश्चित किया जाएगा। - मनोज कुमार, सहायक अभियंता, शारदा सहायक खंड 36
ठेकेदारों की कोताही पर होगी कार्रवाई
देवकली पंप नहर कैनाल 195 किमी लंबा है। इस बार इसकी सफाई के लिए करीब 50 लाख रुपये का टेंडर हुआ है। लेकिन अभी तक 50 फीसदी भी सफाई नहीं हो पाई है। जिस पर जिला प्रशासन से लेकर किसान काफी नाराज है। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार देरी करने के साथ कई जगहों पर आधा-अधूरा काम छोड़ रहे है। उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार नहरों की सफाई का काम लेने के बाद कोताही बरत रहे हैं। कई जगहों पर आधा-अधूरा काम करने की शिकायत मिली है। काम की रफ्तार भी काफी धीमी है। ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। अगले 10 से 15 दिनों में सिल्ट सफाई का काम पूरा करा लिया जाएगा।
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राजेंद्र प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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