जिला अस्पताल में बर्न वार्ड तो स्थापित है, लेकिन मात्र छह बेड के सहारे ही अगलगी से निपटने का दावा किया जा रहा है। हालांकि भदेाही की घटना के बाद ऐहतियातन चिकित्सक को अलर्ट मोड पर रखने के अलावा दवा एवं मरहम की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भदोही में दुर्गा पंडाल में अगलगी की घटना के बाद राजकीय मेडिकल प्रशासन तो अलर्ट मोड में आ चुका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी-पीएचसी पर आपातस्थिति से निपटने की कोई तैयारी नहीं की गई है। इधर मेडिकल कालेज प्रशासन ने बर्न वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ने पर वार्ड में बेडों को बढ़ाने का पूरा इंतजाम कर लिया गया है।
इसके अलावा चिकित्सकों को दिशा-निर्देश भी दिया गया है, जिससे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारी पूर्ण है। अगर बेड की कमी होगी तो इसकी भी संख्या बढ़ा ली जाएगी। त्योहार के मद्देनजर डॉक्टरों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।