रेवतीपुर। रेलवे के अधिकारियों की ओर से 45 दिनों में ताड़ीघाट-दिलदारनगर ब्रांच लाइन पर प्लासर क्विक रिलेयिंग सिस्टम (पीक्यूआरएस) वर्क पूरा करने का दावा किया गया था। जबकि स्थिति यह है कि बीते करीब डेढ़ माह बाद भी नई कार्यदायी संस्था का चयन कर पाने में महकमा पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। जबकि सोनवल से सिटी रेलवे स्टेशन तक नये रेल रूट के शुभारंभ में अब महज गिनती के दिन शेष हैं। लोगों की मांग है कि जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर कार्य शुरू कराया जाए, जिससे इस ब्रांच लाइन पर ट्रेन को रफ्तार देने के साथ ही उसके सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित किया जा सके।
मालूम हो कि ताड़ीघाट-मऊ रेल विस्तारिकरण परियोजना के तहत पहले चरण की सोनवल से सिटी स्टेशन तक जाने वाली 9.600 किमी लंबी नई रेल लाइन का काम अब अंतिम दौर में हैं। परियोजना की शुरुआत इसी साल होनी है, इसके शुरू होते ही ईसीआर एवं एनईआर रेलखंड जुड़ जाएगा। इसके बाद इस नये रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ परिचालन शुरू हो जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय के निर्देश पर दिलदारनगर जंक्शन से सोनवल तक पीक्यूआरएस वर्क (प्लासर क्विक रिलेयिंग सिस्टम) मार्च में शुरू किया गया था, लेकिन रेलवे व कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते यह काम तीन माह बाद भी अभी तक 16 किमी में से महज तीन किमी तक ही पूरा हो सका है। जबकि इस कार्य को बीते अप्रैल माह के अंत तक पूरा कर लिया जाना चाहिए था।
इस संबंध में पीडब्लूआई दिलीप कुमार ने बताया कि जल्द ही प्लासर क्विक रिलेयिंग सिस्टम (पीक्यूआरएस) कार्य के लिए नई कार्यदायी संस्था का चयन होते ही काम तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।