शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को छोटी दीपावली की धूम मची रही। पूरे दिन बाजार खरीदारों की चहल-पहल से गुलजार रहे। इस दौरान लोगों ने पर्व से संबंधित सामानों की जमकर खरीदारी की। भारी भीड़ के चलते प्रमुख मार्गों पर दिन भर में कई बार लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ी। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में छोटी दीपावली की रौनक दिखाई दी। सुबह से लेकर देर शाम तक बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे बाजारों में भीड़ में इजाफा होता गया। भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव मिश्रबाजार में दिखाई दिया। यहां पर दर्जनों की संख्या में गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, मोमबत्ती, झालर, दीप सहित पर्व से संबंधी लगाई गई अन्य सामानों की स्थाई एवं अस्थाई दुकानों पर पूरे दिन खरीदारों की भीड़ जुटी रही है। भारी भीड़ के चलते मिश्रबाजार, महुआबाग, लाल दरवाजा, चीतनाथ, लंका सहित अन्य मार्गों पर कई बार लोगों को जाम की समस्या से रुबरु होना पड़ा।
इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हुई। इसी तरह मुहम्मदाबाद, जमानिया, औड़िहार, सादात, खानपुर, भांवरकोल, भीमापार, करीमुद्दीनपुर, दिलदारनगर, नंदगंज, करंडा, मरदह, सैदपुर, बहरियाबाद, शादियाबाद सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में छोटी दीपावली पर खरीदारों से बाजार गुलजार रहे। हर कोई पर्व को लेकर उत्साहित था।
रंग-बिरंगी मालाओं की भी रही मांग
गाजीपुर। पूजा-पाठ के आयोजनों में बढ़ती मांग के चलते बाजारों में रोलेक्स, पालिएस्टर वाली मालाओं की भी जबरदस्त बिक्री हुई। शहर के मिश्रबाजार तिराहा, महुआबाग, लाल दरवाजा, चीतनाथ, स्टेशन रोड, लंका, गोराबाजार सहित कई स्थानों पर आकर्षक तथा छोटी-बड़ी मालाएं बिक रही थी। छोटी माला दस रुपये तथा बड़ी माला बीस से सौ रुपये प्रति जोड़ी तक में लोगों ने खरीदा। दीपावली पर्व पर घर में देवी-देवताओं पर चढ़ाने के लिए लोगों ने इनकी खूब खरीददारी की।
घरों को रोशन करने के लिए खरीदी मोमबत्ती
गाजीपुर। रोशनी के पर्व पर घरों को दीयों के साथ ही मोमबत्ती से रोशन किया जाता है। मोमबत्ती की मांग ज्यादा होने के कारण बाजारों में दर्जनों की संख्या में इसकी दुकानें लगी थीं। विभिन्न रंग एवं साइज की मोमबत्ती की लोगों ने जमकर खरीदारी की। प्लास्टिक के पैक में उपलब्ध सफेद एवं रंगीन मोमबत्तियों की बिक्री विभिन्न दरों पर की गई। बीस रुपए से लेकर सौ रुपए तक की कीमत वाली मोमबत्तियों की दुकानों पर देर शाम तक चहल-पहल बनी रही।
लक्ष्मी-गणेश की फोटो की खूब रही मांग
गाजीपुर। दीपावली पर्व पर घर में शुभ, सुख, समृद्धि तथा शांति के लिए प्रथम पूज्य भगवान गणेश तथा धन, धान्य और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर-घर में दोनों देवताओं की मूर्तियां रखकर विधिवत पूजा पाठ की जाती है। इसकी तैयारी के क्रम में रविवार को बाजारों में मूर्तियों की जमकर खरीद हुई। बाजारों में लगी दुकानों पर विभिन्न प्रकार की वेराइटियों की मूर्तियां अलग-अलग दरों पर मिल रही थी। 25 रुपए से लेकर साढ़े सात सौ रुपये तक में उपलब्ध मूर्तियों की लोगों ने पसंद के हिसाब से खरीदारी की। मिट्टी के अलावा प्लास्टर आफ पेरिस से बनी मूर्तियों की खूब मांग रही। इसके साथ ही लक्ष्मी-गणेश की फोटो की भी खूब बिक्री हुई। शहर के प्रमुख बाजारों तथा ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर देर शाम तक चहल-पहल बनी रही।
कम हो गई मिट्टी के दीयों की मांग
गाजीपुर। रोशनी के पर्व दीपावली पर मिट्टी से बने दीयों की मांग कुछ कम रही। झालर एवं मोमबत्ती के चलते लोगों ने काम भर ही इसकी खरीद की। छोटी दीया जहां साठ से अस्सी रुपये प्रति सैकड़ा की दर से बिक्री की गई वहीं बड़े दीयों को लोगों ने सौ से 110 रुपये सैकड़ा की दर पर खरीदा। मालूम हो कि वर्षों पहले लोग दीवारों तथा छतों पर मिट्टी के दीए रखते थे। तेल और बाती डालकर शाम से ही इसकी तैयारी होने लगती थी। अब घरों को रोशन करने का स्थान झालरों, मोमबत्तियों तथा अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों ने ले लिया है। इसके चलते मिट्टी के दीयों की मांग कम हो गई है।