पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने शनिवार की शाम सपरिवार कामाख्या मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद यूपी-बिहार सीमा एवं गंगा-कर्मनाशा नदी के संगम पर स्थित अफगानी शासक शेरशाह सूरी के शौर्य गाथा वाली ऐतिहासिक धरोहर युद्ध स्थली को भी देखा। उन्होंने ऐतिहासिक स्थल के इतिहास के बारे में जानकारी ली। युद्ध स्थल पर बने स्तूप के पास खड़े होकर मोबाइल से फोटो खिंचवाया। कर्मनाशा नदी के तट पर बने शेरशाह गार्डन एवं ट्री सेल्फी प्वाइंट की प्रशंसा भी की। बिहार के अनुमंडल अधिकारी धीरेंद्र मिश्रा ने यहां के इतिहास एवं खुदाई में मिले पांच हजार वर्ष पूर्व की मूर्तियों के बारे में जानकारी दी। न्यायाधीश ने इस विरासत को संवारने को लेकर बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई दी। उनके साथ कई अन्य न्यायाधीश भी थे।