जमीन पर पड़ा था शव, पसरा था खून और डेरा के बाहर पड़ा था गमछा
तीन पुत्रों की नहीं हुई है शादी, बाहर करते हैं काम, बड़ा पुत्र आया था घर
संवाद न्यूज एजेंसी
दिलदारनगर। मिर्चा नई बस्ती गांव के बाहर खेत में ही हरेंद्र बिंद ने डेरा बनाया था। यहां पशुओं को रखने के साथ उनकी देखभाल करने के लिए रात के समय पति-पत्नी सोते थे। तीनों पुत्र गैर प्रांतों में रहकर नौकरी करते हैं, अभी इनकी शादी भी नहीं हुई है। बड़े पुत्र के घर आने पर पत्नी घर पर ही थी, जबकि हरेंद्र डेरा पर अकेले ही सो रहा था।
सुबह पत्नी जब वहां पहुंची तो उसका शव जमीन पर पड़ा हुआ था और खून पसरा था, जबकि मृतक के पैर का जूता भी वहां पड़ा था, वहीं डेरा के बाहर गमछा पड़ा था। सबसे बड़ी बात तो यह कि कुछ दूरी अन्य लोगों का भी डेरा, लेकिन वारदात की उनको भनक तक नहीं लगी। हालांकि फॉरेंसिंक टीम घटनास्थल का घंटों निरीक्षण करने के साथ ही साक्ष्य भी एकत्र करने में जुटी रही।
मृतक हरेंद्र बिंद के पांच बच्चों में तीन पुत्र उपेेंद्र, सितेंंद्र, धर्मेंद्र और दो पुत्रियां सोनी और सोवारी है। दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। जबकि तीन पुत्रों की शादी अभी तक नहीं हुई है और वे गैर प्रांतों में काम करते हैं। पुत्रों के घर पर नहीं रहने के चलते पत्नी सुखिया देवी भी पति हरेंद्र के साथ डेरा पर सोने चली जाती थी।
इन दिनों उनका बड़ा पुत्र उपेंद्र घर आया हुआ था। शनिवार को पुत्र उपेंद्र गांव में ही किसी की बरात चंदौली गई थी, उसमें ही शामिल होने के लिए गया था। इधर हरेंद्र शनिवार को साइकिल से बाजार गए थे और देर शाम घर आए। खाना खाने के बाद वह पशुओं की देखभाल के लिए डेरा पर सोने चले गए थे।
मृतक के बड़े पुत्र उपेंद्र ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों से भूमि विवाद चला आ रहा था। इनके द्वारा बार- बार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। पुलिस ने मृतका की पत्नी सुखिया देवी की तहरीर पर गांव के शिवचरण बिंद, रंगीला बिंद के खिलाफ मुकदमा दर्जकर छानबीन में जुटी हुई है।
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एसपी ने तीन टीम की गठित, छानबीन शुरू
दिलदारनगर। एसपी ओमवीर सिंह ने पशुपालक हत्याकांड का खुलासा करने के लिए मातहतों को सख्त निर्देश दिया है। साथ ही तीन टीमों को भी गठित किया है। एक टीम दिलदारनगर थाना के प्रभारी निरीक्षक तो दूसरी टीम जमानिया सीओ के नेतृत्व में हत्याकांड का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है। जबकि तीसरी टीम गांव में लगाई गई है, जिससे वारदात का खुलासा जल्द से जल्द हो सके। मृतका के डेरा पर जाने का रास्ता भी नहीं है। खेत की पगडंडियों के सहारे ही वहां पहुंचा जा सकता है।