सत्याग्रह पर बैठे लोगों को अधिकारियों ने समझा-बुझाकर कराया समाप्त
15 अगस्त तक ट्री- गार्ड के साथ 46 पौधों के रोपण का आश्वासन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विकास भवन के सुंदरीकरण के नाम पर परिसर से काटे गए 23 कीमती पेड़ों का मामला तूल पकड़ते देख मंगलवार को डीएफओ ने एक नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इधर सत्याग्रह पर बैठे राज्यकर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव और समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी से वार्ताकर डीडीओ, एसडीएम और बीएसए ने सत्याग्रह समाप्त कराया। साथ ही 15 अगस्त तक ट्रीगार्ड के साथ 46 पौधे लगाने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री द्वारा 22 जुलाई से वन महोत्सव मनाया जा रहा है और दूसरी तरफ विकास भवन हरे पेड़ों की कटाई दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि मुख्य विकास अधिकारी सहित जिला प्रशासन से मांग किया गया था कि दोषी के ऊपर कार्रवाई की जाए। सत्याग्रह स्थल पर वन विभाग की रेंजर नम्रता सिंह ने पहुंच कर एफआईआर की कॉपी दिया और सत्याग्रह कर रहे पदाधिकारियों को आश्वस्त किया गया कि 23 पेड़ काटे गए हैं । 46 पेड़ ट्री-गार्ड सहित विकास भवन में 15 अगस्त तक लगाया जाएगा।
इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत आंदोलन नहीं होता है उनकी नीतियों का विरोध किया जाता है। चेताया कि अगर निर्धारित समय के अंदर पौधों का रोपण नहीं कराया जाता है तो सत्याग्रह के लिए पुन: बाध्य होना पड़ेगा। सत्याग्रह में ओंकार नाथ पांडेय, आलोक राय, अभय सिंह, नागेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मनोज यादव, प्रशांत कुमार, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
इधर डीएफओ प्रदीप ने बताया कि पेड़ काटने के मामले में भरत कुमार के खिलाफ नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।