मालवाहक कार्गो रवींद्रनाथ टैगोर बृहस्पतिवार की सुबह 9.45 बजे दस से बारह किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाराणसी से चलकर हमीद सेतु स्थित फ्लोटिंग जेटी से होते हुए कोलकाता के लिए निकल पड़ा। वाराणसी स्थित रामनगर बंदरगाह से कार्गो दस कंटेनरों में विभिन्न सामान लेकर रवाना हुआ है।
बीते मंगलवार को वाराणसी से भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के उपनिदेशक राकेश कुमार ने इस मालवाहक कार्गो को हरी झंडी दिखाकर पटना के लिए रवाना किया था। यह मालवाहक कार्गो शनिवार को पटना पहुंचेगा। फिर वहां से कंटेनर में लदे सामान को लेकर कोलकाता के लिए रवाना होगा। उपनिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि इस आरएन टैगोर कार्गो पर 10 कंटेनर में विभिन्न प्रकार के सामान लोड है। इसमें पांच कंटेनर में फूड प्रोसेसिंग कंपनी का सामान और तीन कंटनेर में एग्रो कंपनी का पशु आहार, पानी के बोतल आदि लदे हुआ है।
उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नदी से जलमार्ग के जरिए मालवाहक जहाजों के जरिए व्यापार को बढ़ावा देना है। वाराणसी, पटना एवं कोलकाता के अलावा अगर सब कुछ ठीक रहा तो अन्य जगहों पर भी व्यापारिक उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। मालूम हो कि इसका नियमित परिचालन वाराणसी से पटना, कोलकाता के लिए विगत दो वर्ष पहले शुरू हुआ था। रवींद्र नाथ टैगोर मालवाहक कार्गो की क्षमता 300 टन माल ढोने की है। केंद्र सरकार जल परिवहन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इसी क्रम में कोलकाता से बनारस के बीच गंगा नदी को जलमार्ग संख्या एक घोषित किया गया है।