संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिला जेल में बंदिया और कैदियों को दी जाने वाली सुरक्षा, संरक्षा और सुविधा बदल गई है। जेल में मनमाने तरीके फोन बूथ और कैंटीन संचालन के मामले में कार्रवाई के बाद से बंद सरकारी पीसीओ और कैंटीन को चालू कर दिया गया है। अब सत्यापित मोबाइल नंबरों पर ही बंदी-कैदी को जेल मैनुअल के हिसाब से बात करने की सुविधा मिलेगी। मऊ के साथ गाजीपुर जिला जेल का चार्ज देख रहे जेल अधीक्षक आनंद कुमार शुक्ला ने लगातार दूसरे दिन जिला जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन और सरकारी पीसीओ को जेल मैनुअल के हिसाब से चालू करवाया। कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से बंदी-कैदी के पंजीकृत दो नंबर पर ही सरकारी पीसीओ से कॉल करने की सुविधा दी जाए। बताया कि जेल के सभी बंदी-कैदी के आने के दौरान हलफनामा पर दिए गए दो मोबाइल नंबरों का फिर से पुलिस से वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। जिनका वेरीफिकेशन हो गया है उन्हें सरकारी पीसीओ से जेल मैनुअल के हिसाब से बात करने की सुविधा दी जा रही है। वहीं, जेल में पीएसी, पुलिस और जेल पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है कि बिना सघन चेकिंग के किसी को आगे नहीं जाने दिया जाए। यदि कहीं से कोई गड़बड़ी मिलती है तो उनके खिलाफ संबंधित को पत्र लिखा जाएगा। इससे जेल के गेट पर ही सघन तलाशी तेज कर दी गई है। जेल अधिकारियों ने रसाई की भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया। वहीं, लखनऊ जिला जेल से आए जेलर सुनील दत्त मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कार्यभार संभाल लिया।