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मलेरिया के लिए संवेदनशील गांवों में अभियान चलेगा

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विशेष संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान, संचारी रोग, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर बृहस्पतिवार की शाम को मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में प्रथम जनपदस्तरीय अंन्तर्विभागीय समन्वय बैठक संपन्न हुई।
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अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि संचारी रोग, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण और इसके त्वरित और सही उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण एक से 31 अक्तूबर तक दस्तक अभियान 7 से 21 अक्तूबर के बीच प्रस्तावित है। उन्होंने जनपद में तहसील, ब्लॉक, ग्राम स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मच्छर जनित एवं संचारी रोगों से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूलों में लार्वा पनपने के स्रोतों की न केवल जानकारी दी जाए बल्कि उनके मध्य प्रतियोगिता भी कराई जाए। सभी मलेरिया निरीक्षकों को फील्ड में एक्टिवेट किया जाए तथा बेहद संवेदनशील गांव में युद्ध स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि अभियान में आशा-आंगनबाड़ी के साथ में अनिवार्य रूप से भ्रमण करें। शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में फांगिग व एंटीलार्वा एक्टिविटी बढ़ाई जाए। हैंडपंप और अन्य जल-जमाव वाले स्थलों को चिन्हित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कही भी आसपास जलजमाव ना हो। वहीं हैंडपंप से डेढ़ मीटर दूरी तक नाली बनवाएं। सुपरक्लोरिनेशन के साथ पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करें। आशा-एएनएम फील्ड में सक्रियता से काम करें।
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मुख्य विकास अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से जनसंपर्क एवं जन जागरण, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल, वातावरणीय स्वच्छता सहित विभिन्न बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा इस अभियान की मानिटरिंग की बारीकियों को भी बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि दस्तक अभियान में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगी। लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति का संपूर्ण विवरण एक लाइन लिस्टिंग फॉर्मेट में अंकित कर क्षेत्रीय एएनएम के जरिए ब्लॉक मुख्यालय को उपलब्ध कराएगी।
मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए गत वर्ष में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चयनित हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आकलन भी करेंगे। उन्होने कहा कि संचारी रोगों नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए इस विषय पर एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों के मध्य उचित समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई, सूचना, उद्यान विभाग के निर्धारित उत्तरदायित्व बताएं, तथा अपेक्षित सहयोग किए जाने की अपेक्षा की।
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