गाजीपुर। जनपद में साइबर जागरूकता अभियान के बाद भी लोग साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान के नंबर से एक छात्र के पिता के नंबर पर कॉल आई। रोने की आवाज सुनाने के बाद ठग पिता को झांसे में लेने लगा। परिजन तत्काल रोते-बिलखते एसपी कार्यालय पहुंचे और आपबीती बताई। पुलिस ने कॉलेज के माध्यम से छात्र के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वो कठवा मोड़ पर पंचर बनवा रहा है। इस पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
नोनहरा इलाका का एक छात्र डीफार्मा की पढ़ाई करता है। उसका सेंटर टेरी कॉलेज में है। वो अपने साथियों के साथ शुक्रवार को परीक्षा देने आया था। उसने मोबाइल कुछ देर के लिए बंद कर दिया। इसी बीच पाकिस्तान के नंबर से उसके पिता के नंबर पर फोन आया, बेटे के बारे में जानकारी देते हुए उसके रोने की आवाज सुनाई गई। इसके बाद परिवार के लोगों ने बेटे के नंबर पर फोन किया तो वो बंद मिला। इस पर वे साइबर ठग के झांसे में आने लगे और आनन-फानन में रोते-बिलखते सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। यहां एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र को उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी दी। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, वे पुलिस की एक नहीं सुन रहे थे। हालांकि पुलिस ने छात्र के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अन्य छात्रों से उक्त छात्र के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वो दो अन्य साथियों के साथ परीक्षा देने के बाद साइकिल से घर जा रहा था और कठवा मोड़ के पास साइकिल का टायर पंचर होने के कारण वहीं बनवा रहा है, इसके बाद परिवार के लोगों को चैन मिला।
हर महीने दर्ज हो रहे 6-7 मुकदमे
गाजीपुर। जनपद में लालच देने और केवाईसी के भुगतान के बहाने ऑनलाइन धोखाधड़ी सहित साइबर अपराधों के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों पर नजर करें तो हर माह छह से सात मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। जनवरी से लेकर जुलाई माह तक 47 मामले दर्ज हुए, जिसमें 24 लाख 97 हजार 495 लाख रुपये की ठगी हुई है। हालांकि पुलिस का दावा है कि 28 मामलों का निस्तारण करा दिया गया है, जबकि 19 मामलों में कार्रवाई अभी चल रही है।
एक घंटे में कर दी शिकायत तो पैसे की रिकवरी की रहती है संभावन
साइबर एक्सपर्ट वैभव मिश्रा दावा करते हैं कि यदि कोई भी साइबर क्राइम का शिकार हो गया तो जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराए। एक घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करा देते हैं तो भुगतान किए गए पैसे के रिकवर होने की 80 प्रतिशत संभावना बनी रहती है। जबकि 24 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज कराने पर 60 प्रतिशत तक को संभावना बनती है। हालांकि जनपद में ऐसा नहीं देखने को मिल रहा है। लोग घटना के आधे घंटे के अंदर ही शिकायत दर्ज कराते हैं। इसके बाद भी अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
हो गए साइबर के शिकार तो क्या करें
साइबर क्राइम सेल के जिला प्रभारी वैभव मिश्रा बताते हैं कि साइबर अपराध होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। साथ ही अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोटिंग पोर्टल https://www.cyber-crime.gov.in पर या नजदीकी थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क में करें। उन्होंने बताया कि ठगी के शिकार होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करना चाहिए। यदि यह ट्रोल फ्री नंबर व्यस्त जा रहा है तो परेशान न हो और कोशिश करते रहे, क्योंकि लगातार नंबर व्यस्त रहता है। इसके बाद कॉल सेंटर से बताए जाने वाले नियमों का पालन करें। ध्यान रहे इसके लिए कोई शुल्क नहीं लाया जाता है।
साइबर क्राइम को लेकर जनपद में अच्छा काम हुआ है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनवरी से अब तक 47 मुकदमे दर्ज किए है। इसमें 28 का निस्तारण कर दिया गया है। शुक्रवार को ही एक परिवार को साइबर क्राइम का शिकार होने से बचाया गया है।- ज्ञानेंद्र, एएसपी सिटी