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UP News: ...मगर तू यह ना समझ तूने, दिल दुखाया नहीं? एक ट्वीट से गाजीपुर की सियासत हुई गर्म

Mon, 30 Jan 2023 09:39 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

‘ये अलग बात है, मैंने कभी जताया नहीं। मगर तू ये ना समझ, तूने दिल को दुखाया नहीं।’ सोशल मीडिया पर सोमवार को यह ट्वीट वायरल हुआ।  इसे समाजवादी पार्टी के पूर्वमंत्री और जमानिया के विधायक ओम प्रकाश सिंह का बताया जा रहा है।
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सोशल मीडिया में वायरल ट्वीट की स्क्रीनशॉट और ओम प्रकाश सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर सोमवार को एक ट्वीट वायरल हुआ, इसे समाजवादी के पूर्वमंत्री और जमानिया के विधायक ओम प्रकाश सिंह का बताया जा रहा है। इसमें लिखा गया है, ‘ये अलग बात है, मैंने कभी जताया नहीं। मगर तू ये ना समझ, तूने दिल को दुखाया नहीं।’ इस पर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गईं। हालांकि विधायक ने ट्वीट किए जाने से इनकार करते हुए कहा कि भाजपा के लोग कथित ट्वीट को प्रचारित करने में जुटे हैं। 

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ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ट्वीट को सपा से जोड़कर पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा करना निंदनीय है। अखिलेश यादव हमारे नेता हैं। दो दिन पहले वह मंदिर में दर्शन करने गए तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए। इससे मन आहत हुआ कि भाजपा हिंदुओं का ठेकेदार बनती है और हिंदुओं को ही मंदिर में जाने से रोकती है।

सोशल मीडिया पर ट्वीट की चर्चा क्यों

आगे ककहा कि भाजपा का  2024 में जाना तय है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश से भाजपा का सफाया होगा।  दरअसल ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा इसलिए हो रही है कि रविवार को सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा हुई।

इसमें सपा के कई पुराने नेताओं के नाम नहीं है। इसमें साल 1989 से राजनीति और 1992 में सपा के गठन से लगातार सक्रिय ओमप्रकाश सिंह का भी नाम नहीं है। हालांकि गाजीपुर से जुड़े सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा और पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद सिंह के नाम शामिल हैं। इससे ट्वीट के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। 

सातवीं बार विधायक बने ओमप्रकाश सिंह

सपा नेता ओमप्रकाश सिंह - फोटो : सोशल मीडिया।
ओमप्रकाश सिंह अखिलेश और मुलायम सरकार में मंत्री रह चुके हैं और पूरे पूर्वांचल में दिग्गज सपा नेताओं में शुमार हैं। 2022 के चुनाव में वो सातवीं बार विधायक बने। 2017 के चुनाव में जमानिया विधानसभा से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त इस सीट से भाजपा लहर में सुनीता सिंह विधायक बनीं थीं।
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ओमप्रकाश सिंह ने 2022 विधानसभा चुनाव में 22145 मतों से जीत हासिल की। ओमप्रकाश 1989 में पहली बार जनता दल पार्टी से विधायक बने। इसके बाद 1991, 1993, 1996,2002, 2007, 2012 और 2022 में विधायक चुने गए। 
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