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गेहूं बेचने के बाद मिलेगी ई-रसीद

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मौधा। सैदपुर तहसील क्षेत्र में पहली अप्रैल से जिले के सारे क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू होगी। खास बात यह है कि इन क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के बाद किसानों को अब इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट आफ परचेज मशीन से छपी हुई रसीद मिलेगी। इस पर बेचे गए गेहूं की तौल का विवरण होगा। ऐसा खरीद को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों को रोकने के लिए किया जाएगा। सैदपुर ब्लाक के एसएमआई आशुतोष चौरसिया ने बताया कि सैदपुर के नंदगंज, परसनी, धुआर्जुन, सैदपुर और खजुरा गांव के क्रय केंद्रों को गेहूं की खरीद के लिए खोल दिया गया है। अब किसानों को खरीद के बाद इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट आफ परचेज मशीन से छपी हुई रसीद दी जाएगी। रसीद मिलते ही किसानों के पंजीकृत मोबाइल पर तत्काल मैसेज भी आएगा। पहली अप्रैल से जिले में क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने की शुरुआत होने से एक माह पहले एक मार्च से ही गेहूं की खरीद के लिए पंजीकरण का काम शुरु हो चुका है। खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर जाकर किसान अपना पंजीकरण करा रहे हैं। इस बार गेहूं क्रय की अवधि पहली अप्रैल से 15 जून तक है। राज्य सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। बीते वर्ष यह 1950 रुपये था। इस बार 15 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों का सत्यापन अपर जिलाधिकारी करेंगे। जबकि इससे कम रकबे के किसानों का सत्यापन उपजिलाधिकारी के स्तर पर होगा। अगर किसान ने गेहूं की बिक्री नहीं की है, उसके बाद भी मोबाइल पर बिक्री का मैसेज अगर आ गया तो किसान इसकी शिकायत खाद्य आयुक्त से करेंगे। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सैदपुर रितेश कुमार सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र में अभी खाद्य विभाग और साधन सहकारी समिति के दो-दो और को-आपरेटिव यूनियन के एक क्रय केंद्र खोले गए हैं। खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।
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