दीपावली पर पटाखा आदि को उपयोग सावधानीपूर्वक नहीं करने पर काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं पर पड़ सकता है। अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार ने लोगों को सूचित किया कि समझदारी एवं सर्तकता से दीपावली का त्योहार मनाएं। बेहतर होगा कि ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के दीये का प्रयोग करें। पटाखों का सीमित प्रयोग ही करें। अधजले या न जले पटाखे को पुन: जलाने, उठाने, हटाने का प्रयास बिल्कुल ना करें।
उन्होंने बताया कि पटाखों में कई ज्वलनशील रसायन होते हैं। इन रसायनों के जलने पर तेज आवाज व ध्वनि के साथ बहुत ज्यादा धुआं भी निकलता है। जो पशुओं और पक्षियों के लिए भी नुकसानदायक होता है। कोई दुर्घटना होने पर तत्काल प्राथमिक उपचार कराकर अपने नजदीकी चिकित्सालय में उपचार एवं सलाह के लिए संपर्क करें। कंट्रोल रूम नंबर- 0548-22240411077, मुख्य चिकित्साधिकारी 8005192658, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, 9450755364, आपदा विशेषज्ञ 9451343388 अन्य राहत 9454021985 पर संपर्क किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
पटाखे जलाते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें, सूती कपड़े का प्रयोग करें।
आस-पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें, पास में पानी से भरी बाल्टी रखें।
आतिशबाजी से आंख में जलन होने पर ठंडे पानी से धोएं और तुरंत डाक्टर की सलाह लें।
घायल व हल्के जले हिस्से पर राख मिट्टी या पाउडर, ग्रीस तथा अन्य पदार्थों को न लगाएं।