बुद्ध के विचार पहले भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं: स्वामी प्रसाद मौर्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर के छावनी लाइन स्थित राम प्रसाद कुशवाहा स्मारक इंटर कॉलेज में तथागत गौतम बुद्ध जयंती समारोह मनाई गई। मुख्य अतिथि सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के बाद तथागत भवन में दीप प्रज्ज्वलन एवं त्रिशरण पाठ, पंचशील पाठ से किया गया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बुद्ध के विचार पूर्व में भी प्रासंगिक थे और आज के वर्तमान परिवेश में तो और भी प्रासंगिक हो गए हैं। उनके बताए पंचशील के पाठ व अष्टांगिक मार्ग से ही हम सबका भला होगा और मानवता का संदेश दिया जा सकेगा। बुद्ध के संदेशों से भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधा जा सकता है और हमारा देश फिर से विश्व गुरु बन सकता है।
इस अवसर पर एसएसी के प्रदेश अध्यक्ष डा. रविंद्र मौर्य ने कहा कि बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर ही हमारा देश एकता के सूत्र में बढ़ सकता है तथा जाति, संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता के गुण से भर सकता है। इस अवसर पर पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान व आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही अपने विचार रखते हुए उमाशंकर ने कहा कि बुद्ध के धम्म की प्रासंगिकता जितना ढाई हजार वर्ष पहले थी उतनी ही आज भी है। समाज में फैल रही द्वेष की भावना कांत बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है।
इस अवसर पर नेपाल सरकार में मंत्री रहे के समान शाक्य ने कहा कि भारत नेपाल के संबंधों को बुद्ध के विचारों द्वारा ही साकार किया जा सकता है और एक दूसरे की प्रगति में भी सहयोग किया जा सकता है। भंते धम्म शरण द्वारा सामूहिक रूप से सभी को त्रिशरण एवं पंचशील पाठ कराया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवनाथ कुशवाहा पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा द्वारा की गई। इस अवसर पर सदर विधायक जय किशन साहू, जंगीपुर विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने भी विचार व्यक्त किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक अजय कुशवाहा द्वारा सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया।