बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड के मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी के न्यायालय में आरोपी बृजेश सिंह उपस्थित हुए। जबकि आरोपी त्रिभुवन सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित थे। शेष साक्ष्य के लिए 24 जनवरी की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि तीन दिसंबर 1990 की सुबह 7.30 बजे सरफराज अंसारी सैदपुर थाना इलाके में नहर में कार्य करा रहे थे। तब तक एक नीली मारुति कार से आरोपी त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह और बृजेश सिंह एवं दो अज्ञात व्यक्ति राइफल से लैस होकर पहुंचे।
वे लोग पकड़कर मारने पीटने लगे और सरफराज के बैग में रखे रुपये छीन लिए। इतना ही नहीं दहशत पैदा करके मजदूरों को भगा दिया। इसके बाद साइड पर खड़ी ट्रक के टायर में गोली मार कर टायर को फाड़ दिए और उसके सहयोगी को थप्पड़ से पीट कर भगा दिए। वादी की सूचना पर कोतवाली सैदपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसका विचरण चल रहा है।