घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
इधर नाव पर सवार दयाशंकर की एक पुत्री, मृतक शिव शंकर उर्फ डब्लू गौड़ की एक पुत्री और झटहां की एक पुत्री के अलावा अनिल पासवान का एक पुत्र और कमलेश का एक पुत्र लापता है। लापता लोगों की तलाश जारी है।
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लापात लोगों की तलाश में जुटे लोग
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घटना की जानकारी होते ही डीएम एमपी सिंह, पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे, सेवराई एसडीएम राजेश प्रसाद चौरसिया, खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह राणा के साथ रेवतीपुर और गहमर कोतवाली की पुलिस टीम मौजूद रही।
ग्रामीणों ने बताया कि किसी को क्या पता था कि गांव पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटने वाला है। गांव बाढ़ में घिरा था, लोग बाजार से सामान खरीदने के लिए नौली के तरफ जमानिया से लाकर लगाई गई नाव पर सवार हो गए। शाम में पुन: ग्रामीण नाव पर सवार हुए। ऐसे में दो वजनी लोग नाव के अगले हिस्से पर बैठ गए। नाविक नाव को लेकर जैसे रवाना हुआ वह अनियंत्रित होने लगा। हालांकि उस दौरान तो नाविक ने संभाल लिया। अभी मुश्किल से 100 मीटर ही नाव आगे बढ़ी कि नाव पुन: अनियंत्रित होने लगी।
इससे घबराकर आगे बैठे दोनों लोग पानी में जैसे ही कूदे, नाव में पानी भरना शुरू हो गया। देखते ही देखते उस पर सवार अन्य लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए बाढ़ में कूद पड़े। इधर जब ग्रामीणों की नजर नाव पर पड़ी तो कोहराम मच गया।
गांव के लोग किसी तरह बाढ़ के पानी में डूब रहे ग्रामीणों को बचाने में जुट गए। इधर नाव करीब 20 से 25 फीट नीचे पानी डूब गई। कड़ी मशक्कत कर ग्रामीणों ने तो 19 लोगों को बचा लिया, लेकिन पांच बच्चों का पता नहीं चल सका। वहीं गंभीर रूप में तीन लोगों को गांव के लोग सीएचसी भदौरा लेकर आए, जहां दो की मौत हो गई और नाविक का उपचार चल रहा है।